बारिश से बचने को बस में चढ़ी थी 16 साल की छात्रा, 47 KM तक दौड़ती रही खौफ की वो रात | पर्दों वाली स्लीपर बस में ड्राइवर-कंडक्टर ने किया गैंगरेप

दिल्ली में बारिश से बचने के लिए स्लीपर बस में चढ़ी 16 साल की छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप का मामला सामने आया। बस 47 किलोमीटर तक दौड़ती रही, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार।

दिल्ली। रात का अंधेरा, मूसलाधार बारिश और रास्ते में अकेली खड़ी एक 16 साल की छात्रा… उसे उस वक्त सिर्फ किसी सुरक्षित जगह तक पहुंचना था। सामने से एक खाली स्लीपर बस आई तो उसने हाथ देकर उसे रोक लिया। लेकिन जिस बस को छात्रा ने बारिश से बचने का सहारा समझा, वही कुछ देर बाद उसके लिए खौफ का चलता-फिरता कैदखाना बन गई।

आरोप है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने 11वीं की छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप किया। छात्रा विरोध करती रही, लेकिन उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान पर्दों से ढकी स्लीपर बस करीब 47 किलोमीटर तक सड़कों पर दौड़ती रही और बाहर की दुनिया को अंदर क्या हो रहा है, इसकी भनक तक नहीं लगी।

दिल्ली पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बस भी जब्त कर ली है और उसकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

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घर से निकली थी, कजिन के पास जाना था… लेकिन पहुंच गई परी चौक

पीड़ित छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा में पढ़ती है। पुलिस के मुताबिक, घर पर किसी बात को लेकर विवाद होने के बाद वह परिवार को बताए बिना रात में निकल गई थी। उसे नोएडा में रहने वाले अपने कजिन के पास जाना था। लेकिन भारी बारिश और अंधेरे में वह रास्ता भटक गई और परी चौक पहुंच गई। वहां बारिश में फंसी छात्रा के सामने से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। बस में मौजूद ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे अंदर बैठा लिया। बताया गया कि बस नोएडा सेक्टर-63 की तरफ जा रही है। लेकिन छात्रा को नहीं पता था कि उसके लिए यह सफर किस मोड़ पर जाने वाला है।

बस आगे बढ़ी और शुरू हुआ खौफ

पुलिस के मुताबिक, बस कुछ दूर चलने के बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। पीड़ित के आरोप के अनुसार, इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने उसके साथ रेप किया। छात्रा ने विरोध किया तो दोनों ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस जांच में सामने आया कि बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। आरोप है कि देर रात चलती बस के अंदर मौजूद इस पर्दों वाले हिस्से का इस्तेमाल कथित अपराध को बाहर की नजरों से छिपाने के लिए किया गया। बस चलती रही… सड़कें बदलती रहीं… और करीब 47 किलोमीटर का सफर पूरा हो गया।

फिर कश्मीरी गेट के पास उतारकर भाग गए

आरोप है कि देर रात दोनों आरोपी छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतारकर फरार हो गएलेकिन छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी। रात में ही उसने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क किया और अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। पुलिस ने जांच शुरू की और ड्राइवर कुलदीप तथा कंडक्टर संदीप को टिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दोनों आरोपियों को किस तारीख को गिरफ्तार किया गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

मरम्मत के बाद खाली बस लेकर निकले थे आरोपी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन बस में खराबी आ गई थी। इसके बाद दोनों आरोपी बस को मरम्मत के लिए सूरजपुर स्थित एक वर्कशॉप में लेकर गए थे। बस ठीक होने के बाद वे खाली बस को टिमारपुर ले जा रहे थे। इसी दौरान परी चौक पर बारिश और अंधेरे में फंसी छात्रा उनकी बस के सामने आई। दिल्ली पुलिस अब बस के पूरे रूट, घटनाक्रम और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जब्त स्लीपर बस की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। घटना 4 अगस्त की बताई गई है, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जानकारी 31 अगस्त को सार्वजनिक की।

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