भारत में 2036 तक वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 23 करोड़ होने का अनुमान है। जानिए सरकार की बुजुर्गों के लिए योजनाएं, 14567 Elderline और राष्ट्रीय वयोश्री योजना का लाभ।
नई दिल्ली। आने वाले वर्षों में भारत की बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ने वाली है। 2036 तक देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या 23 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में उम्रदराज लोगों की आर्थिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर सरकार ने कई योजनाओं का दायरा तैयार किया है। खास बात यह है कि जरूरत पड़ने पर बुजुर्गों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर सहायक उपकरण हासिल करने तक की सुविधा भी उपलब्ध है।
लोकसभा में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने सांसद यदुवीर वाडियार के सवाल के जवाब में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी योजनाओं और उनके लाभार्थियों का ब्यौरा दिया।
10 करोड़ से 23 करोड़ तक पहुंचेगी बुजुर्गों की आबादी
सरकार के अनुमान के मुताबिक वर्ष 2011 में देश में करीब 10 करोड़ वरिष्ठ नागरिक थे। 2036 तक यह संख्या बढ़कर 23 करोड़ हो सकती है। यानी देश की कुल आबादी में बुजुर्गों की हिस्सेदारी भी 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 14.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
बढ़ती बुजुर्ग आबादी को देखते हुए केंद्र का जोर केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, रहने की सुविधा, सामाजिक सुरक्षा, शिकायतों का समाधान और उम्र से जुड़ी शारीरिक परेशानियों में सहायता जैसे पहलू भी शामिल किए गए हैं।
तीन साल में करोड़ों लोगों तक पहुंचा सरकारी सहारा
वरिष्ठ नागरिकों के लिए चल रही अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत 2023-24 से 2025-26 के बीच 10,00,456 लोगों को लाभ मिला।
इसी अवधि में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) से 2,21,30,687 लाभार्थी और राष्ट्रीय बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) से 28,29,63,879 लाभार्थी जुड़े।
AVYAY के तहत बुजुर्गों के लिए अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आश्रय, देखभाल, शिकायत समाधान, सहायक उपकरण और स्वस्थ व सक्रिय जीवन से जुड़ी पहलें शामिल हैं।
जिन बुजुर्गों का कोई सहारा नहीं, उनके लिए रहने और खाने की व्यवस्था
हर बुजुर्ग के पास परिवार का सहारा हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसे लोगों के लिए सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम (IPSrC) के तहत वृद्धाश्रम और सतत देखभाल गृहों को सहायता देती है।
इन केंद्रों में असहाय वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और मनोरंजन जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। इन संस्थानों को चलाने के लिए गैर-सरकारी और स्वैच्छिक संगठनों को सहायता अनुदान दिया जाता है।
राज्यों को भी बुजुर्गों के लिए अलग से मदद
SAPSrC के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम चलाने में सहायता दी जाती है। इसमें जागरूकता अभियान, बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के प्रयास, मोतियाबिंद सर्जरी और दूसरी राज्य-विशिष्ट गतिविधियां शामिल हैं।
परेशानी हो तो सिर्फ एक नंबर याद रखें—14567
सरकार ने बुजुर्गों के लिए एल्डरलाइन नाम से राष्ट्रीय हेल्पलाइन भी शुरू की है। 14567 टोल-फ्री नंबर पर वरिष्ठ नागरिक अपनी शिकायतों के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं।
यह हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए बुजुर्गों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उनके लिए चलाए जा रहे कानूनों, योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाती है। यह सेवा 1 अक्टूबर 2021 से शुरू की गई थी।
15 हजार रुपये तक मासिक आय वालों के लिए सहायक उपकरण
उम्र बढ़ने के साथ चलने-फिरने या रोजमर्रा के कामों में परेशानी झेल रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY) महत्वपूर्ण है।
इस योजना में 15,000 रुपये तक की मासिक आय वाले पात्र बुजुर्गों को उम्र से जुड़ी दिव्यांगता या शारीरिक कमजोरी की स्थिति में सहायक उपकरण और जरूरी शारीरिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसका मकसद बुजुर्गों को उनकी प्रभावित शारीरिक गतिविधियों में अधिक सक्षम बनाना है। योजना 1 अप्रैल 2017 से लागू है और इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के जरिए संचालित किया जाता है।
यानी आने वाले वर्षों में बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के साथ सरकार का फोकस भी कई स्तरों पर दिखाई दे रहा है—आर्थिक सहायता, इलाज, रहने की सुविधा, शिकायतों का समाधान और जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरण।
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