कोरोना के बावजूद नीदरलैंड के प्रवासी भारतीयों ने अपने भारतीय पर्वों को मनाने को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं देखी गई। प्रवासी भारतीयों ने…
Category: कला-संस्कृति
अनूठे थे भरतपुर की रियासतकालीन होली के नज़ारे
भरतपुर में रियासत काल के दौरान होली के जो नजारे नजर आते थे वह अब गुजरे जमाने की बातें हो चुकी हैं। उस समय स्वयं भरतपुर महाराज लोगों के बीच रंग उड़ेलते निकलते थे और …
17वीं शताब्दी का कंबोई का भव्य पार्श्वनाथ जिनालय
कंबोई स्थित पार्श्वनाथ जिनालय तीर्थ की सात फणों से युक्त प्रतिमा…
देश के घर-घर में महकेगी जम्मू-कश्मीर में बनी अगरबत्ती
जम्मू-कश्मीर में बनी अगरबत्ती अब देश के घर-घर में महकेगी। इसके लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इस राज्य में एक बेम्बो यूनिट लगाई जा रही है। …
चेतना की ऊर्जा का पर्व: मकर संक्रांति
भारतीय संस्कृति में सूर्य के राशि संक्रमण को विशेष महत्व दिया गया है। सूर्य के राशि परिवर्तन को ‘संक्रांति’ नामक पर्व माना गया है। इसी कारण सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना ‘मकर संक्रांति’ कहलाता है। …
उमंग का उत्सव लोहड़ी
पौष महीने की अंतिम रात यानी मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मनाया जाने वाला यह लोक पर्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस पर्व की जड़ें पंजाब की प्राचीन कृषि संस्कृति के भीतर हैं।
दो हजार साल पुराने जैन मंदिर का हो रहा जीर्णोद्धार, 24 तीर्थंकरों की होगी स्थापना
विष्णु मित्तल [DISPLAY_ULTIMATE_SOCIAL_ICONS] हलैना (भरतपुर) | जैन समाज का एक प्राचीन गांव जिसे मुगलों और अन्य विदेशी आक्रांताओं ने तहस-नहस कर दिया था, वहां अब 24 तीर्थंकरों की स्थापना हो…
