बस में 85 लाख, घर से 45 लाख और मिले | बीज निगम के नामित निदेशक तक पहुंची ACB की जांच

बीकानेर में एसीबी ने बस में सफर कर रहे युवक से 85 लाख रुपए नकद बरामद किए। बाद में छापेमारी में 45 लाख रुपए और मिले। जांच राजस्थान राज्य बीज निगम के एक नामित निदेशक तक पहुंच गई है।

बीकानेर। एक साधारण बस यात्रा ने रविवार को ऐसा मोड़ लिया कि मामला सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की बड़ी जांच में बदल गया। बस में सफर कर रहे एक युवक के पास से 85 लाख रुपए नकद मिलने के बाद जो कहानी खुलनी शुरू हुई, उसने जांच एजेंसियों को भी चौकन्ना कर दिया।

एसीबी की टीम ने कार्रवाई के दौरान युवक स्वतंत्र ज्याणी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि बरामद नकदी राजस्थान राज्य बीज निगम के एक नामित निदेशक तक पहुंचाई जानी थी। यही जानकारी पूरे मामले को एक नए और गंभीर मोड़ पर ले गई।

बस से शुरू हुई जांच, घर तक पहुंचा छापा

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। जब पूछताछ में नामित निदेशक का नाम सामने आया तो एसीबी ने तुरंत जांच का दायरा बढ़ा दिया। इसके बाद निरीक्षक इंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने बीकानेर स्थित संबंधित ठिकानों और आवासों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान करीब 45 लाख रुपए अतिरिक्त नकद बरामद हुए। एक ही दिन में हुई इन दोनों कार्रवाइयों के बाद बरामद नकदी का आंकड़ा बढ़कर लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए तक पहुंच गया।

सबसे बड़ा सवाल: आखिर किसका है यह पैसा?

एसीबी के सामने अब सबसे अहम सवाल यही है कि इतनी बड़ी नकद राशि आखिर आई कहां से? इसका वास्तविक मालिक कौन है? और इसे इतनी गोपनीय तरीके से एक जगह से दूसरी जगह क्यों पहुंचाया जा रहा था? जांच एजेंसी इस पहलू को भी खंगाल रही है कि कहीं यह रकम कृषि विभाग से जुड़े किसी डिकॉय ऑपरेशन, खाद-बीज कारोबार या अन्य वित्तीय गतिविधियों से तो संबंधित नहीं है।

बैंक खाते, मोबाइल और लेन-देन खंगाले जा रहे

मामले की तह तक पहुंचने के लिए एसीबी ने बरामद नकदी से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, मोबाइल फोन रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है।

साथ ही नकदी के परिवहन में शामिल लोगों और उससे जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह सिर्फ अवैध नकदी का मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

फिलहाल बीकानेर में हुई इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी की आगामी जांच और पूछताछ से यह साफ होगा कि 1.30 करोड़ रुपए की यह नकदी आखिर किस मकसद से घूम रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

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