भरतपुर की मां माधुरी ब्रजवारिस सेवा सदन अपना घर संस्था अब बिहार में भी सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी में है। पटना, गया, भागलपुर और रोहतास में 100-100 बिस्तरों वाले केंद्र खोलने पर चर्चा हुई।
राजेश खंडेलवाल
भरतपुर। निराश्रित, असहाय, बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रभुजनों की सेवा में वर्षों से जुटी मां माधुरी ब्रजवारिस सेवा सदन ‘अपना घर’ की मानवीय सेवा अब राजस्थान की सीमाओं से निकलकर बिहार तक पहुंचने जा रही है। बिहार सरकार ने राज्य में ‘अपना घर मॉडल’ लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए संस्था के साथ विस्तृत चर्चा की है।
बिहार की राजधानी पटना में समाज कल्याण विभाग और अपना घर संस्था के प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में सेवा केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बिहार सरकार की ओर से समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, समाज कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवासन, निदेशक धर्मेंद्र सिंह, मंत्री के ओएसडी सुधांशु शेखर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं अपना घर संस्था की ओर से संस्थापक डॉ. बी.एम. भारद्वाज, संरक्षक वीरपाल सिंह और सचिव विनोद सिंघल ने भाग लिया।
पहले चरण में 4 शहरों में शुरू होगी सेवा
बैठक में प्रारंभिक चरण में पटना, गया, भागलपुर और रोहतास में अपना घर मॉडल के तहत सेवा केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई। प्रस्ताव के अनुसार बिहार सरकार इन चारों स्थानों पर लगभग 100-100 बिस्तरों की क्षमता वाले भवन उपलब्ध कराएगी।
सहमति बनी कि अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद भवन, आधारभूत अधोसंरचना और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था बिहार सरकार करेगी, जबकि प्रभुजनों की सेवा, देखभाल, पुनर्वास, चिकित्सा समन्वय और संपूर्ण संचालन व्यवस्था का दायित्व मां माधुरी ब्रजवारिस सेवा सदन ‘अपना घर’ निभाएगा।
सेवा व्यवस्था का अध्ययन करेगा 3 सदस्यीय दल
अपना घर के संरक्षक वीरपाल सिंह ने सुझाव दिया कि बिहार सरकार संस्था की कार्यप्रणाली, सेवा संस्कृति, वित्तीय पारदर्शिता और पुनर्वास मॉडल का प्रत्यक्ष अध्ययन करे। इस सुझाव पर सहमति जताते हुए निर्णय लिया गया कि समाज कल्याण विभाग का एक तीन सदस्यीय अध्ययन दल संस्था के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करेगा।
अतिरिक्त निदेशक राकेश के नेतृत्व में यह दल सोमवार को अपना घर नोएडा, मंगलवार को अपना घर भरतपुर तथा बुधवार को अपना घर जामडोली (जयपुर) का दौरा करेगा।
दल संस्था की सेवा व्यवस्था, प्रभुजन पुनर्वास प्रणाली, चिकित्सा एवं देखभाल प्रबंधन, प्रशासनिक संरचना, अनुशासन, पारदर्शिता और संचालन मॉडल का विस्तृत अध्ययन करेगा तथा अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग, बिहार को सौंपेगा।
रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
अध्ययन दल की रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार राज्य में अपना घर मॉडल को लागू करने, सहयोग के स्वरूप और आगे की कार्ययोजना पर अंतिम निर्णय लेगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो हजारों बेसहारा और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रभुजनों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर देखभाल का नया सहारा मिलेगा।
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