भरतपुर की सुजान गंगा नहर में कूदे 60 वर्षीय मोहन सिंह को पुलिस ने सुरक्षित बचाया। बुजुर्ग ने बेटे-बहू पर मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए।
भरतपुर। सुजान गंगा नहर में रविवार को एक बुजुर्ग के कूदने की सूचना से हड़कंप मच गया। पानी में डूब रहे 60 वर्षीय मोहन सिंह को पुलिसकर्मियों ने रस्सी के सहारे संभाला। करीब 15 मिनट तक वह रस्सी पकड़े पानी में तैरते रहे। बाद में निजी नाव की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मथुरा गेट थाने के एएसआई राकेश मान पुलिस जाब्ते और रेस्क्यू सामग्री के साथ मौके पर पहुंचे तो मोहन सिंह नहर में डूब रहे थे। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उनकी ओर रस्सी फेंकी। बुजुर्ग ने रस्सी पकड़ ली और उसके सहारे पानी में टिके रहे। इसके बाद निजी नाव की व्यवस्था कर उन्हें बाहर निकाला गया।
नहर से बाहर आए तो छलक पड़ा दर्द
सुरक्षित बाहर आने के बाद मोहन सिंह रो पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका बेटा और बहू उनके साथ लगातार मारपीट करते हैं और दुर्व्यवहार करते हैं। उनका कहना था कि पारिवारिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला किया। मोहन सिंह ने यह आरोप भी लगाया कि वह पहले अपनी शिकायत लेकर थाने गए थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसी से निराश होकर उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि, थाने में शिकायत दर्ज नहीं होने के उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
आरोपों के बाद जांच शुरू
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मोहन सिंह के बेटे और बहू के खिलाफ प्रताड़ना तथा मारपीट के आरोपों में मामला दर्ज किया है। दोनों से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नहर से निकाले जाने के बाद बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार और काउंसलिंग दी गई। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
यह घटना पारिवारिक विवाद के बीच एक बुजुर्ग की पीड़ा और समय रहते मिली पुलिस सहायता, दोनों पहलुओं को सामने लाती है। अब मामले में पुलिस जांच के जरिए आरोपों की सच्चाई सामने आना बाकी है।
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