‘जमानत खारिज नहीं होने दूंगा और सजा भी नहीं होगी…!’ CJM कोर्ट के रीडर और होमगार्ड ड्राइवर का खेल खत्म, 40 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

बांसवाड़ा में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CJM कोर्ट के रीडर संदीप कुमार नानावटी और होमगार्ड ड्राइवर राहुल चंदेल को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी जमानत खारिज न कराने और सजा से बचाने के नाम पर घूस मांग रहे थे।

जयपुर/बांसवाड़ा। ‘तेरी जमानत टूटने नहीं दूंगा और मुकदमे में सजा भी नहीं होने दूंगा…’—न्याय के मंदिर में बैठकर कानून की धज्जियां उड़ाने वाले CJM कोर्ट के रीडर संदीप कुमार नानावटी और उसके दलाल होमगार्ड चालक राहुल चंदेल के इस खौफनाक और घिनौने खेल का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पर्दाफाश कर दिया है। एसीबी ने दोनों आरोपियों को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है, जिससे पूरे न्यायिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

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70 हजार में तय हुआ था सौदा, पहले ही ऐंठे थे 30 हजार

बांसवाड़ा में एसीबी की इस बड़ी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि कैसे आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाया जाता है। शिकायतकर्ता को कोर्ट से जमानत तो मिल चुकी थी, लेकिन उसकी आड़ में उसे लगातार डराया जा रहा था।

  • रिश्वत का कुल गणित: केस में मदद करने, जमानत बरकरार रखने और सजा से बचाने के नाम पर कुल 70,000 रुपये की डील हुई थी।

  • पहली किस्त: आरोपी पहले ही 30,000 रुपये हड़प चुके थे।

  • खर्चे-पानी के नाम पर उगाही: इसके अलावा अलग से ‘खर्चे-पानी’ के नाम पर 2,000 रुपये और ऐंठे गए थे।

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर दलाल राहुल चंदेल को 40,000 रुपये की शेष घूस लेते हुए दबोच लिया, जिसके तुरंत बाद मुख्य आरोपी रीडर संदीप कुमार नानावटी को भी शिकंजे में ले लिया गया।

एसीबी की रडार पर कैसे आए आरोपी?

शिकायत मिलने के बाद एसीबी उदयपुर रेंज के अधिकारियों की देखरेख में रिश्वत की मांग का भौतिक सत्यापन कराया गया था। जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया कि रीडर और उसका होमगार्ड ड्राइवर मिलकर परिवादी पर लगातार दबाव बना रहे थे।

सत्यापन पुख्ता होने के बाद एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में ट्रैप की योजना बनाई गई। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन और उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने इस कार्रवाई को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, ब्यूरो की टीमें दोनों आरोपियों के आवासों और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ तलाशी ले रही हैं। यह भी खंगाला जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, जो न्याय की कुर्सी पर बैठकर अपनी तिजोरियां भर रहे थे।

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