जयपुर
राजस्थान में कोरोना संक्रमण की जबरदस्त रफ्तार को देखते हुए गहलोत सरकार ने वैक्सीनेशन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अब तय किया है कि कोरोना का टीका पहले उन लोगों को लगाया जाएगा जो सुपर स्प्रेडर हैं। इस सम्बन्ध में सरकार ने राजस्थान के समस्त कलेक्टर्स को आदेश भी जारी कर दिए हैं।
आपको बता दें कि पूरे राज्य में 3 मई तक सशर्त लाॅकडाउन है। इसमें सब्जी, दूध, किराना और दवाइयां बेचने वालों को छूट दी है। सरकार का मानना है कि सामान बेचने वाले इन लोगों के जरिए अन्य लोगों को कोरोना फ़ैलने की आशंका रहती है। इसको देखते हुए सरकार ने सबसे पहले इनका वैक्सीनेशन कराने का निश्चिय किया है। ऐसे लोग जो फल-सब्जी, दूध, दवाइयां, किराना का सामान बेचते हैं और जिनकी उम्र 45 या उससे ज्यादा है, उन्हें प्राथमिकता से कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव की ओर से प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को यह आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि कोरोना प्रभावित या कहें हॉटस्पॉट एरिया में काम करने वाले बैंक कर्मचारियों, उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों, फल-सब्जी का ठेला लगाने वाले या दुकान पर सामान बेचने वाले, दूध, दवाइयां बेचने वाले, अखबार बांटने वाले हॉकर्स और मीडियाकर्मियों के टीकाकरण की कार्यवाही करें। इनके अलावा आदेशों में जिन फ्रंट लाइन वर्कर्स (पुलिस, राजस्व विभाग, पेयजल, बिजली कर्मचारी) ने अब तक टीका नहीं लगवाया है, उन्हें भी जल्द से जल्द टीका लगवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इनकी ड्यूटी जब कोरोना संक्रमण से प्रभावित वाले एरिया में लगे तो इनकी जान को खतरा न हो।
अब तक 1.13 करोड़ से ज्यादा लगाई टीके की डोज
राज्य में टीकाकरण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को ही प्रदेश में 2.87 लाख लोगाें को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। 16 जनवरी से अब तक 1.13 करोड़ लोगों को डोज लगाई जा चुकी है। इसमें 49.03 लाख तो वे लोग हैं, जिनकी उम्र 60 या उससे ज्यादा उम्र के लोग हैं। वहीं 38.73 लाख वे लोग हैं, जिनकी उम्र 45 से 59 के बीच है।
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