कोटा
रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने कहा है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा। दर्शना जरदोश ने यह बात कोटा में सोगरिया रेलवे स्टेशन का लोकार्पण करने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। उनका कहना था कि रेलवे का पीपीपी मोड पर विकास होगा। रेल राज्य मंत्री ने ऑपरेटिंग में भी निजीकरण की बात से भी साफ़ इनकार किया। मंत्री दर्शना ने कोटा में ट्रेन मेमू ट्रेन को हरी झंडी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ दिखाई थी।
रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार की पटरी है, जो हमारे पास है वो हमारा ही है। इसमें निजीकरण का सवाल ही नहीं। दर्शना जरदोश ने कहा कि भारत सरकार की अपनी पटरी, स्टेशन और सुख-सुविधाएं यात्रियों के लिए हैं। इस पर निजीकरण नहीं किया जा सकता। लेकिन पटरी के ऊपर कोई ट्रेन चलाना चाहते हैं तो उनको मौका देंगे।
रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश ने कहा कि रेलवे के पास बहुत जमीन है। उन्होंने निजीकरण करने की बात से इनकार करते हुए कहा कि पीपीपी मोड़ पर स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जिससे स्टेशन के आसपास होटल, मॉल, बनेंगे। लोगों को इससे फायदा मिलेगा। इसलिए इस चीज को निजीकरण के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। पॉलिसी बनाई जा रही है। रेलवे का निजीकरण बिल्कुल भी नहीं होगा।
रेल राज्यमंत्री ने आधुनिकरण के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह गुजरात के गांधीनगर में रेलवे स्टेशन के ऊपर ही फाइव स्टार होटल है, इसी तर्ज पर देश के अन्य स्टेशनों का भी विकास किया जाएगा। जहां होटल, शॉपिंग मॉल व अन्य सुविधाएं होंगी। उन्होंने बताया कि राजस्थान में कोटा के ढकनिया और जयपुर स्टेशन को पीपीपी मोड़ पर डवलप करने के लिए चुना गया है। इस तरह के देश में कुल 75 स्टेशन चिन्हित किए गए हैं जिन्हें पीपीपीमोड पर विकसित किया जाएगा।
रेलवे कर्मचारियों द्वारा नई पेंशन स्कीम का विरोध करने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को इसके फायदे के बारे में बाद में पता चलेगा।
ट्रेनों की स्पीड होगी 130 से 160 किमी प्रतिघंटा
मंत्री ने कहा, स्टेशन शहर के बीचोंबीच होता है। लोगों को वहां पर अगर अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हो जाती हैं, तो इसमें गलत कुछ भी नहीं है। पीपीपी मोड पर ऐसे स्टेशनों को हम डेवलप कर रहे हैं। अभी जो 130 की स्पीड पर ट्रेनें चल रही है, उनकी स्पीड को 160 किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम फ्रेट कोरिडोर को भी बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि हैवी इंडस्ट्री से सीधे ही रेलवे लाइन कनेक्ट किया जाए और रेलवे की आमदनी को बढ़ाया जाए।
जरदोश ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। सभी मंत्रालयों को लक्ष्य दिए हैं। ऐसे में रेलवे ने 75 वंदे भारत ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। अभी एक ही ट्रेन वाराणसी से दिल्ली और कटरा के बीच चल रही है। अब 75 स्टेशनों को भी विकसित किया जाएगा।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का काम भी काफी तेजी से चल रहा है। वाराणसी में बुलेट ट्रेन का पहला टावर खड़ा हो गया है। रामायण सर्किट ट्रेन अभी चलाई गई है। राजस्थान में भी धार्मिक मंदिर बहुत हैं। पर्यटन की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। ऐसे में उनके अनुसार भी ट्रेन चल सकती हैं।
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