CI बोला; 50 हजार दो तो न रिमांड बढ़वाऊंगा और न करूंगा मारपीट, ACB ने किया मामला दर्ज

बारां 

राजस्थान में एक CI ने एक जने की गिरफ्तारी के दौरान थाने में मारपीट नहीं करने और रिमांड अवधि नहीं बढ़ाने के एवज में परिवादी के भाई से 50 हजार की घूस मांग ली ACB ने उसको पकड़ने के लिए जाल भी बिछाया, लेकिन उसका ट्रैप फेल हो गया अब ACB ने उस CI के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है

मामला प्रदेश के बारां जिले के थाना अंता का है जहां पद स्थापित CI अनिल पांडे के खिलाफ ACB  ने फेल ट्रैप के मामले में धारा 8 के तहत रिश्वत मांगने का मुकदमा दर्ज किया है

ACB के अनुसार झालावाड़ जिले के खानपुर में परिवादी के भाई की गिरफ्तारी के दौरान रिमांड अवधि नहीं बढ़ाने और थाने में मारपीट नहीं करने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी सत्यापन होने के बाद आरोपी CI अनिल पांडे ने रिश्वत नहीं ली थी। यानी ACB का ट्रैप फेल हो गया था। इस पर  प्रकरण को जयपुर मुख्यालय भिजवाया था जहां से इस पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है

कोटा ग्रामीण एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत ने बताया कि अनिल पांडे खानपुर में पदस्थापन के दौरान रिश्वत की मांग की थी इस दौरान उन्हें ट्रैप करने की कोशिश भी की थी, लेकिन यह ट्रैप फेल हो गया था। सत्यापन में यह बात सामने आ गई थी कि सीआई अनिल पांडे ने रिश्वत की मांग तो की थी, लेकिन रिश्वत लेने से इनकार कर दिया था जिसके बाद में मुख्यालय ने इस पर मुकदमा दर्ज  कर लिया हैएसीबी की एएसपी प्रेरणा शेखावत का कहना है कि डिमांड में भी उतनी ही सजा होती है, जितनी रिश्वत लेने के मामले में होती है

क्या हुई थी घटना
एसीबी की एएसपी प्रेरणा शेखावत ने बताया कि जून 2021 में 50 हजार की डिमांड सीआई अनिल पांडे ने की थी इसमें हनीट्रैप के मामले में एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया गया थामहिला को जेल भेज दिया गया था, जबकि आरोपी कैलाश मीणा रिमांड पर चल रहा था जिसमें परिवादी कैलाश मीणा की रिमांड अवधि नहीं बढ़ाने, थाने में मारपीट नहीं करने और सुविधाएं देने के लिए रिश्वत मांगी गई थी. इस मामले में कैलाश मीणा के रिश्तेदार बारां निवासी परिवादी राधाकिशन मीणा ने ही एसीबी को शिकायत दी थी

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