नई दिल्ली
रेलवे के दिल्ली मंडल में अनियमितता का मामला सामने आया है। किसी कॉन्ट्रेक्टर की शिकायत पर रेलवे सतर्कता विभाग द्वारा की गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद रेलवे के दिल्ली मंडल में हड़कंप मचा हुआ है। जांच के बाद एक्शन मोड़ में आए रेल प्रशासन ने फ़िलहाल एक सीनियर DEN और दो ADRM को हटा दिया है। एक पूर्व DRM पर भी एक्शन लिया गया है।
इस मामले में जीएम ने सीनियर डीईएन इस्टेट का ट्रांसफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में संलग्न सभी चार अधिकारियों पर गाज गिर सकती हैं। जानकारी मिली है कि किसी कॉन्ट्रेक्टर के शिकायत पर रेलवे सतर्कता विभाग द्वारा जांच में दिल्ली मंडल के पूर्व डीआरएम एससी जैन, एडीआरएम इन्फ्रा एके यादव, एडीआरएम प्रशांत के साथ सीनियर डीईएन इस्टेट दीपक सिंह के नाम सामने आए हैं।
इस मामले में उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल ने 8 नवंबर को प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर (पीसीई) सीपी गुप्ता सहित एक अन्य अधिकारी को अपने कार्यालय में बुलाकर एडीआरएम इन्फ्रा एके यादव, एडीआरएम प्रशांत कुमार और सीनियर डीईएन इस्टेट दीपक सिंह सख्ती से तुंरत दिल्ली से बाहर तबादला करने का आदेश दिया था। इसके बाद सीनियर डीईएन इस्टेट दीपक सिंह का तबादला 9 नंवबर को लखनऊ डिप्टी चीफ इंजीनियर ब्रिज वर्क्स शॉप कर दिया गया था।
इनकी हुई नियुक्तियां
11 नवंबर को एडीआरएम इन्फ्रा एके यादव, एडीआरएम प्रशांत कुमार दोनों अधिकारियों के पद पर अनुपम सिंह और कॉफमो से अनिरुद्ध कुमार को नियुक्त कर दिया गया है। फिलहाल एडीआरएम इन्फ्रा एके यादव, एडीआरएम प्रशांत कुमार की पोस्टिंग कहां होगी यह ऑर्डर नहीं निकला है।
दिल्ली रेल मंडल अफसर कर रहे ये गड़बड़ियां
दिल्ली रेल मंडल में अफसरों पर गड़बड़ियां करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कॉन्ट्रेक्टरों का आरोप है कि दिल्ली मंडल के कई अधिकारी अपने चहेते कांन्ट्रेक्टरों के अलावा अन्य कॉन्ट्रेक्टरों का बिल फाइल, एक्सटेंशन रोक देते हैं।
बना हुआ है दलालों का घेरा
शिकायतों के अनुसार दिल्ली रेल मंडल में कई अफसरों के इर्दगिर्द दलालों का घेरा बना हुआ है। संबधित अधिकारी का खास दलाल कॉन्ट्रेक्टर से फाइल पास करवाने के लिए संपर्क करता है। बिना दलाल के दिल्ली मंडल के इन अधिकारियों से फाइल निकलवाना बेहद मुश्किल काम है। अधिकारी महीनों फाइल को दबा कर बैठे रहते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ पीड़ित कॉन्ट्रेक्टरों ने बताया कि दिल्ली मंडल के एक सीनियर डीईएन पर भी कई कॉन्ट्रेक्टरों के फाइल दबा कर रखने का आरोप है। कॉन्ट्रेक्टरों का कहना है कि अपने स्तर पर जीएम से लेकर सीआरबी तक इस अधिकारी के कारगुजारी का शिकायत कर चुके हैं, पर इस अधिकारी को पीसीई का वरदहस्त बताया जा रहा है इसलिए इस अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
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