केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनभोगियों के DR में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की खबर के बीच जानिए 44,900 रुपये बेसिक सैलरी पर कितना अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिल सकता है।
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर आई खबर सीधे उनकी जेब से जुड़ी है। महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों के मासिक वेतन और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत में कितना अंतर आएगा, यह उनकी मौजूदा बेसिक सैलरी या पेंशन पर निर्भर करेगा।
दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए 10,016 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी बताई गई है। हालांकि, अंतिम प्रभावी तारीख और भुगतान संबंधी विवरण की पुष्टि आधिकारिक आदेश से होनी चाहिए।
44,900 रुपये बेसिक सैलरी है तो हर महीने कितना फायदा?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का असर समझने के लिए एक उदाहरण देखिए। यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 44,900 रुपये है और उसका DA 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत होता है, तो गणना इस प्रकार होगी।
60% DA के हिसाब से: 26,940 रुपये प्रति माह
63% DA के हिसाब से: 28,287 रुपये प्रति माह
हर महीने अतिरिक्त राशि: 1,347 रुपये
12 महीने में अतिरिक्त राशि: 16,164 रुपये
इस उदाहरण में कर्मचारी को केवल महंगाई भत्ते की गणना के आधार पर सालाना 16,164 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वास्तविक भुगतान लागू आदेश, पात्रता और संबंधित वेतन नियमों के अनुसार होगा।
DA बढ़ने से किसे मिलेगा फायदा?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलता है, जबकि महंगाई राहत में बढ़ोतरी का लाभ पात्र पेंशनभोगियों को मिलता है। कर्मचारियों के मामले में DA की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। इसलिए जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अलग-अलग है, उनकी अतिरिक्त राशि भी अलग होगी। पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत की गणना संबंधित पात्र पेंशन राशि के आधार पर की जाती है। यानी 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर सभी कर्मचारियों की सैलरी में एक जैसी रकम नहीं बढ़ेगी। किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी जितनी अधिक होगी, उसे मिलने वाले अतिरिक्त महंगाई भत्ते की राशि भी उसी अनुपात में अधिक होगी।
आखिर क्यों बढ़ाया जाता है महंगाई भत्ता?
महंगाई बढ़ने के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर होने वाला खर्च भी प्रभावित होता है। ऐसे में कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने और महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने के उद्देश्य से महंगाई भत्ते में समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance (DA) कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। वहीं, पेंशनभोगियों को इसी उद्देश्य से Dearness Relief (DR) दिया जाता है। दोनों का मकसद महंगाई के असर से कुछ राहत देना है, लेकिन इनके भुगतान की व्यवस्था अलग-अलग होती है।
साल में दो बार बदल सकता है DA, एरियर पर भी रहती है नजर
केंद्र सरकार में महंगाई भत्ते में संशोधन आमतौर पर साल में दो बार किया जाता है। ये संशोधन जनवरी और जुलाई से प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, घोषणा की तारीख और वास्तविक भुगतान का समय अलग हो सकता है।
यदि बढ़ोतरी किसी पिछली तारीख से प्रभावी घोषित होती है, तो पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उस अवधि का एरियर भी मिल सकता है। लेकिन एरियर का भुगतान और उसकी गणना आधिकारिक आदेश की शर्तों पर निर्भर करती है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
राजस्थान के 19 RAS अधिकारियों को जिलों में मिली नई जिम्मेदारी, इन जिलों में करेंगे फील्ड ट्रेनिंग
अस्पतालों का खौफनाक खेल: ‘सिंगल-यूज़’ उपकरणों से हो रहा था इलाज, सरकार का चला हंटर
