SBI समेत सरकारी बैंकों में हर शनिवार छुट्टी की वायरल खबर को PIB Fact Check ने फर्जी बताया है। जानें अभी बैंक किस शनिवार को बंद रहते हैं और 5-डे वर्किंग वीक पर क्या अपडेट है।
नई दिल्ली: अगर आपके पास भी ऐसा मैसेज पहुंचा है कि SBI समेत सभी सरकारी बैंकों में अब हर शनिवार छुट्टी रहेगी, तो फिलहाल इस पर भरोसा मत कीजिए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा सही नहीं है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि हर शनिवार को बैंक बंद करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग वीक की मांग के बीच एक कथित सरकारी गजट नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा था। इसमें दावा किया गया कि वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। PIB Fact Check ने इस दस्तावेज को फर्जी बताया है।
A Gazette circulating on social media , purportedly issued by the Ministry of Finance (Department of Financial Services), claims that the Central Government has declared every Saturday a public holiday for all Public Sector Banks , including SBI. #PIBFactCheck: ❌ The document being circulated is #Fake. ✅ No such notification has been issued by @FinMinIndia declaring every Saturday as public holiday for public sector banks. 💡 Flag suspicious content related to the Central Government to PIB Fact Check. 📱 WhatsApp: +91 8799711259 📧 factcheck@pib.gov.in
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 1, 2026
वित्त मंत्रालय के नाम से वायरल हुआ फर्जी दस्तावेज
PIB Fact Check के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिसमें SBI और दूसरे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए सभी शनिवार को छुट्टी घोषित की गई हो।
यानी फिलहाल बैंकिंग व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को सामान्य तौर पर कामकाज होता है।
फिर शनिवार की छुट्टी की चर्चा क्यों तेज हुई?
असल कहानी यहीं से जुड़ती है बैंक कर्मचारियों की पुरानी मांग से। बैंक यूनियनें लंबे समय से सोमवार से शुक्रवार तक काम और शनिवार-रविवार की छुट्टी, यानी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रही हैं।
2015 में सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव करते हुए हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। उस समय से बाकी शनिवारों को भी छुट्टी करने की मांग लगातार उठती रही है।
यही वजह है कि जैसे ही हर शनिवार छुट्टी से जुड़ा कथित नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर आया, उसे बैंक कर्मचारियों की लंबित मांग से जोड़कर तेजी से शेयर किया जाने लगा।
8 लाख बैंक कर्मचारियों की मांग, अब कमेटी के हाथ में मामला
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले सात प्रमुख बैंक यूनियनें करीब 8 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करती हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह इन संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल है। सरकार के अनुसार भी 2026 में यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह शामिल रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर सितंबर में तीन दिन की प्रस्तावित बैंक हड़ताल भी सामने आई थी। बाद में IBA और UFBU के बीच बातचीत के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई और पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर विचार के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई।
कमेटी की बैठक के बाद क्या होगा?
AIBEA के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम के अनुसार, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की संभावना की जांच के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक बुधवार को हुई/होनी थी और रिपोर्ट को जल्द अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कमेटी की सिफारिश के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी।
इसका मतलब साफ है—पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह अभी मांग और विचार-विमर्श के स्तर पर है, जबकि हर शनिवार बैंक बंद होने की वायरल खबर को सरकार ने फर्जी बताया है। इसलिए फिलहाल ग्राहकों को शनिवार को बैंक जाने से पहले यह देखना होगा कि वह महीने का कौन सा शनिवार है।
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