भरतपुर के रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में PCPNDT एक्ट पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। छात्राओं को लिंग परीक्षण पर सजा, मुखबिर योजना और आंखों की देखभाल की जानकारी दी गई।
भरतपुर: रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय, भरतपुर में मंगलवार को छात्राओं को कन्या भ्रूण संरक्षण और लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया गया। आयुक्तालय के निर्देशानुसार महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में PCPNDT एक्ट पर व्याख्यान के साथ नेत्र चिकित्सा कार्यशाला और छात्राओं का निशुल्क नेत्र परीक्षण भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उर्मिला मीणा ने की। उन्होंने छात्राओं को प्रेरणा देते हुए स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी जानकारी को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
लिंग परीक्षण कराने पर कानून क्या कहता है?
PCPNDT अधिनियम पर विशेष व्याख्यान जिला समन्वयक प्रवीण कुमार ने दिया। उन्होंने छात्राओं को अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए कन्या भ्रूण संरक्षण और लिंग परीक्षण जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के कानूनी पहलुओं को समझाया।
उन्होंने बताया कि PCPNDT एक्ट के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर 3 से 5 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। प्रवीण कुमार ने एक्ट के तहत संचालित मुखबिर योजना की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि अवैध लिंग परीक्षण या इससे संबंधित गतिविधियों की सूचना देने वाले व्यक्ति को योजना के तहत 3 लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि मिल सकती है।
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मोबाइल-कंप्यूटर के इस्तेमाल पर भी छात्राओं को किया जागरूक
महाविद्यालय की कॉलेज कोऑर्डिनेटर डॉ. मधु शर्मा ने छात्राओं को मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों का सीमित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नियमित नेत्र परीक्षण को भी जरूरी बताया और छात्राओं को आंखों के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।
मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और एलर्जी के बारे में समझाया
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में नेत्र चिकित्सा कार्यशाला और नेत्र परीक्षण हुआ। इसका आयोजन डॉ. नीरज अग्रवाल ने किया। उन्होंने छात्राओं को आंखों से जुड़ी सामान्य समस्याओं जैसे मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और एलर्जी के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। इस दौरान छात्राओं की निःशुल्क आंखों की जांच भी की गई।
स्वास्थ्य, कानून और सामाजिक मुद्दों की जानकारी जरूरी
महिला अध्ययन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. निशा गोयल ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्राओं के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए स्वास्थ्य, कानून और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी जानकारी जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेखा देवी शर्मा ने किया। उन्होंने छात्राओं से कार्यक्रम में मिली जानकारियों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। वहीं डॉ. कविता आचार्य ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार जताया।
कार्यक्रम में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. लक्ष्मी गुप्ता, श्री विनय खण्डेलवाल और श्री हरीश कुमार स्वर्णकार ने सक्रिय सहयोग किया। इस अवसर पर डॉ. अंजु पाठक, श्रीमती साधना शर्मा, डॉ. अलका गोयल, डॉ. दीप्ति अग्रवाल, जगदीश कुमार, डॉ. जयराम, सुश्री अंशुलता बंसल, डॉ. पूजा राठी, सुश्री प्रीति, सुश्री करिश्मा, सुश्री अनुश्री, सुश्री पारूल, श्रीमती मुक्ता शर्मा, हितेश धाभाई और सुधीर कुमार भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और PCPNDT कानून के साथ-साथ आंखों की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
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