अमरूद की खेती से बढ़ेगी आदिवासी किसानों की कमाई, 25 किसानों को मिले पौधे, खाद-कीटनाशक और स्प्रे मशीन

उदयपुर के जालमपुरा गांव में 25 जनजाति किसानों को अमरूद की उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को 25-25 पौधे, उर्वरक, कीटनाशी दवा और स्प्रे मशीन मिली।

उदयपुर। खेती में वैज्ञानिक तकनीक का इस्तेमाल उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा सकता है। इसी दिशा में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर की ओर से जनजाति वर्ग के किसानों को अमरूद की उन्नत खेती का प्रशिक्षण दिया गया। फलासिया पंचायत समिति के जालमपुरा गांव में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं आदान वितरण कार्यक्रम में 25 जनजाति किसानों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित फल परियोजना के तत्वावधान में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को अमरूद की ऐसी उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई, जिनके जरिए अधिक उत्पादन के साथ बेहतर गुणवत्ता वाले फल प्राप्त किए जा सकते हैं।

सघन बाड़ी से लेकर पौध प्रबंधन तक समझी तकनीक

विशेषज्ञों ने किसानों को अमरूद की सघन बाड़ी स्थापित करने, पौध प्रबंधन, उर्वरक प्रबंधन और कीट प्रबंधन सहित खेती की विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. के.के. यादव, डॉ. एस.एस. लखावत और वीरेन्द्र सिंह ने अमरूद की उन्नत खेती से जुड़े जरूरी पहलुओं को किसानों के साथ साझा किया और आधुनिक उत्पादन तकनीक अपनाने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के साथ खेती के लिए मिला पूरा आदान

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि किसानों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि खेती शुरू करने के लिए जरूरी आदान भी उपलब्ध कराए गए। प्रशिक्षण में शामिल प्रत्येक किसान को अमरूद की उन्नत किस्म के 25 पौधे, उर्वरक, कीटनाशी दवा और स्प्रे मशीन वितरित की गई। इससे किसानों को प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकों को अपने खेतों में लागू करने के लिए जरूरी संसाधन भी मिले।

वैज्ञानिक खेती से आय बढ़ाने पर जोर

समापन समारोह में कृषि महाविद्यालय, भीलवाड़ा के अधिष्ठाता डॉ. के.के. यादव ने किसानों से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अमरूद की खेती करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेहतर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण फल के जरिए किसान अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक एवं परियोजना प्रभारी डॉ. एस.एस. लखावत ने प्रशिक्षण में शामिल किसानों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।

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