गुरु पर गंभीर आरोपों से मथुरा में हलचल; CM योगी तक पहुंची महिला की शिकायत, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

मथुरा में एक महिला ने साधु वेशधारी भगवत शरण पर शारीरिक शोषण के प्रयास और बाद में दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। CM योगी से कार्रवाई की मांग की है।

मथुरा। जिस व्यक्ति को गुरु मानकर कीर्तन के लिए बुलाया गया, उसी पर एक महिला ने कमरे में ले जाकर बंधक बनाने और शारीरिक शोषण के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। मामला यहीं नहीं रुका। महिला का दावा है कि घटना के बाद उसे शिकायत नहीं करने के लिए दबाव और धमकियां दी गईं। अब न्याय की मांग को लेकर उसने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की शिकायत की है।

महिला ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि 7 और 8 जून 2026 की रात मथुरा जिले के छाता क्षेत्र में स्थित ‘खीर वाली मैया’ मंदिर में अखंड युगलनाम संकीर्तन के दौरान साधु वेशधारी भगवत शरण उसे संकीर्तन स्थल से ऊपर बने कमरे में ले गया। महिला के मुताबिक वहां उसके साथ अश्लील हरकतें की गईं और शारीरिक शोषण का प्रयास किया गया।
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कीर्तन के बहाने बुलाया, फिर कमरे तक ले जाने का आरोप

मुख्यमंत्री को भेजे पत्र के अनुसार महिला को भगवत शरण ने मोबाइल फोन से संपर्क कर मंदिर में होने वाले संकीर्तन में शामिल होने के लिए बुलाया था। महिला का कहना है कि वह रात करीब साढ़े आठ बजे वहां पहुंची और संकीर्तन में शामिल हो गई।

शिकायत के मुताबिक रात करीब 11 बजे भगवत शरण उसे यह कहकर ऊपर ले गया कि नीचे गर्मी है और ऊपर सोने की व्यवस्था है। महिला के अनुसार वहां पहले उससे पैर दबाने के लिए कहा गया। इसके बाद आरोपी ने उसे पकड़ लिया और कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।

महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने नीचे जाने की कोशिश की तो उसे कमरे के भीतर बने बाथरूम में भेजा गया और पीछे से कमरे की कुंडी लगा दी गई।

‘नशीला पदार्थ पिलाया’—शिकायत में क्या कहा गया?

महिला ने अपने पत्र में दावा किया है कि उसे एक लोटे में कोई द्रव्य दिया गया, जिसे पीने के बाद वह अर्द्धचेतन अवस्था में चली गई। उसका आरोप है कि इसके बाद उसके साथ दोबारा अश्लील हरकतें की गईं और शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया गया।

महिला ने यह भी लिखा है कि संकीर्तन स्थल पर लाउडस्पीकर तेज आवाज में चल रहे थे, इसलिए उसकी आवाज बाहर नहीं पहुंच सकी।

पहले से पैर में लगी थी सरिया, ऑपरेशन का भी दावा

शिकायत में महिला ने बताया है कि उसके पैर में पहले से सरिया लगी हुई थी। उसके आरोप के मुताबिक आरोपी द्वारा शरीर को दबाए जाने के दौरान पैर में तेज दर्द हुआ और सरिया के बोल्ट हिल गए। महिला का दावा है कि इसके बाद 29 जून 2026 को उसके पैर का ऑपरेशन कराना पड़ा। हालांकि, इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि अथवा घटना से उसके सीधे संबंध की स्वतंत्र जानकारी इस शिकायत-पत्र में उपलब्ध नहीं है।

घटना के बाद कथित तौर पर दूसरी जगह बुलाकर दबाव

महिला ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उस पर शिकायत नहीं करने का दबाव बनाया। शिकायत के मुताबिक 24 जून को उसे छाता तहसील क्षेत्र के एक गांव में कथा के बहाने बुलाया गया, जहां एक कमरे में उसके साथ कथित तौर पर बातचीत की गई और उसे कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

महिला ने अपने पत्र में कुछ लोगों के नाम भी दिए हैं और दावा किया है कि ये लोग भगवत शरण के करीबी या शिष्य हैं तथा उन्होंने उसे चुप रहने के लिए दबाव डाला।

सबसे बड़ा सवाल—पुलिस तक पहुंची शिकायत पर क्या हुआ?

महिला ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि उसने 26 जून 2026 को प्रधानमंत्री को गुमनाम पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी, लेकिन उसके अनुसार मथुरा पुलिस ने उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। महिला का आरोप है कि पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण तक नहीं किया। उसने संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच और कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों पर मथुरा पुलिस का पक्ष इस पत्र में उपलब्ध नहीं है। इसलिए पुलिस की ओर से वास्तविक कार्रवाई, शिकायत की स्थिति और घटना की स्वतंत्र पुष्टि सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

‘न्याय नहीं मिला तो आत्मदाह की अनुमति दें’

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का सबसे गंभीर हिस्सा वह है, जिसमें महिला ने न्याय नहीं मिलने की स्थिति में आत्मदाह की अनुमति मांगी है। उसने लिखा है कि वह पुलिस थानों के चक्कर लगाने की स्थिति में नहीं है और उसे अपनी जान का भी डर है।

महिला ने मुख्यमंत्री से आरोपी भगवत शरण तथा कथित तौर पर उसे बचाने और उस पर दबाव डालने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

अब इस शिकायत के बाद बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री कार्यालय या उत्तर प्रदेश पुलिस इस पत्र को संज्ञान में लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी? आरोप बेहद गंभीर हैं और महिला ने खुद अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। ऐसे में शिकायत की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना इस पूरे मामले में सबसे अहम होगा।

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