राम मंदिर ट्रस्ट को पहला CEO मिल गया है। सूत्रों के अनुसार पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी है। 5,500 से ज्यादा आवेदनों में 18 नाम शॉर्टलिस्ट हुए थे।
अयोध्या। राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। सूत्रों के मुताबिक सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है। वह नियुक्ति की तारीख से तीन साल तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जितेंद्र मिश्रा इसी वर्ष अप्रैल में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। करीब 38 से 39 वर्षों की सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने लड़ाकू विमान पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट के तौर पर काम किया। उनके पास 3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है और उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कारगिल तक निभाई अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर कई महत्वपूर्ण अभियानों से जुड़ा रहा है। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। जनवरी 2025 में उन्हें वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह भारतीय वायुसेना की प्रमुख ऑपरेशनल कमांड में शामिल है। इसके कुछ ही महीनों बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने इस कमांड का नेतृत्व किया।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी मिश्रा NDA खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं।
5,500 से ज्यादा आवेदन, सिर्फ 18 नाम पहुंचे शॉर्टलिस्ट तक
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया भी काफी चर्चा में रही। इस पद के लिए 5,500 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 18 उम्मीदवारों के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए।
शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों से केवल प्रशासनिक क्षमता से जुड़े सवाल ही नहीं पूछे गए, बल्कि उनके खान-पान, रहन-सहन और हिन्दू धर्म से जुड़ी मान्यताओं को लेकर भी अहम सवाल किए गए थे। इसके बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब जितेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है।
CEO के हाथ में होगी मंदिर की बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट ने पेशेवर प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से CEO का पद सृजित किया है। CEO की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन को संभालना होगी।
चढ़ावा प्रबंधन को लेकर उठे विवादों और प्रशासनिक सुधारों की जरूरत के बीच इस पद का गठन ट्रस्ट के कामकाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
तीन सदस्यीय कमेटी ने संभाली थी चयन प्रक्रिया
CEO के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। इसमें रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल थे। समिति ने प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद उम्मीदवारों का पैनल तैयार किया था। चयन प्रक्रिया में सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों के नाम भी चर्चा में रहे।
तीन नए न्यासी भी नामित
CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने तीन नए न्यासियों के नाम भी घोषित किए हैं। दिल्ली से महेश भगचंदका, अयोध्या से पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता मदन मोहन पांडे और निर्मला यादव को नए न्यासी के रूप में नामित किया गया है।
इस तरह राम मंदिर ट्रस्ट में एक साथ पहले CEO की नियुक्ति और नए न्यासियों के नामांकन के साथ प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हुई है।
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