राजस्थान में प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलना हुआ आसान; सरकार ने हटाई जमीन की शर्त, अब सिर्फ इतना कारपेट एरिया जरूरी

राजस्थान सरकार ने निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब न्यूनतम जमीन की अलग शर्त नहीं होगी, लेकिन 25,000 वर्गमीटर कारपेट एरिया जरूरी रहेगा।

जयपुर। राजस्थान में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने के लिए न्यूनतम कितनी जमीन होनी चाहिए, इसकी कोई अलग अनिवार्यता नहीं रहेगी। सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े दिशा-निर्देशों में संशोधन करते हुए जमीन की न्यूनतम सीमा को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसके साथ ही 22 जुलाई 2026 को जारी वह आदेश भी अब प्रभावी नहीं रहेगा, जिसमें निजी विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम जमीन की आवश्यकता खत्म करने के साथ-साथ कारपेट एरिया और खुले स्थान से जुड़े प्रावधान निर्धारित किए गए थे।

‘डरपोक जज कहलाना मंजूर नहीं, मरना पसंद करूंगा’, माफिया के दबाव के बीच जज ने सुनाई नदीम को फांसी

जमीन की सीमा गई, लेकिन 25 हजार वर्गमीटर की शर्त कायम

सरकार ने निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए अलग से न्यूनतम भूमि क्षेत्र या ओपन स्पेस तय करने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि विश्वविद्यालय के लिए बुनियादी ढांचे की कोई सीमा नहीं रहेगी।

नए प्रावधान के अनुसार प्रस्तावित विश्वविद्यालय के पास कम से कम 25,000 वर्गमीटर का कारपेट एरिया वाला इंफ्रास्ट्रक्चर होना जरूरी होगा। साथ ही विश्वविद्यालय की बिल्डिंग का नक्शा संबंधित भवन उपविधियों, डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन, फायर सेफ्टी नियमों और अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होना अनिवार्य रहेगा।

अब जमीन नहीं, नियम तय करेंगे बाकी जरूरतें

नए नियमों के तहत सरकार निजी विश्वविद्यालय के लिए अलग से जमीन या खुले क्षेत्र का न्यूनतम आकार निर्धारित नहीं करेगी। ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, ओपन स्पेस, पार्किंग, फायर सेफ्टी और अन्य निर्माण संबंधी मानक संबंधित सक्षम प्राधिकरणों के लागू नियमों के अनुसार तय होंगे।

यानी निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अब जमीन के एक निश्चित न्यूनतम आकार की बाध्यता नहीं होगी, लेकिन विश्वविद्यालय के भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर को लागू निर्माण एवं सुरक्षा नियमों का पालन करना ही होगा।

नए विश्वविद्यालयों पर होगा सीधा असर

यह संशोधित व्यवस्था राजस्थान में भविष्य में जारी होने वाले नए Letter of Intent (LoI) पर लागू होगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रावधान राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए आगे जारी किए जाने वाले नए LoI के मामलों में प्रभावी रहेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई 2026 का आदेश इसी आदेश के जारी होने के साथ supersede माना जाएगा। वहीं 10 फरवरी 2026 के दिशा-निर्देशों और बाद में जारी अन्य आदेशों के वे सभी प्रावधान, जिनमें इस आदेश से कोई बदलाव नहीं किया गया है, पहले की तरह लागू रहेंगे।

यह बदलाव केंद्र सरकार की ‘Reducing Compliance Burden and Deregulation’ पहल के Phase-II के तहत निजी विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम जमीन की शर्त को खत्म करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

सरकारी बैंक अधिकारियों को बड़ा झटका या राहत? PLI स्कीम पर सरकार ने लगाई रोक | 19 नवंबर 2024 की व्यवस्था अब ठंडे बस्ते में, नए फॉर्मूले पर यूनियनों से होगी बातचीत

छह महीने की शादी… फिर पत्नी के शव के साथ ऐसी हैवानियत, पढ़कर कांप उठेगा कलेजा | फ्रिज में रखे थे शरीर के टुकड़े, उसी कमरे में खाना खाता रहा पति; बदबू ने खोला खौफनाक राज

जिस नक्शे से दुनिया को समझा, वही दुनिया को गलत दिखाता रहा! अफ्रीका को छोटा, ग्रीनलैंड को दिखाया कई गुना बड़ा | अब बदल सकता है 450 साल पुराना World Map

राजस्थान के कॉलेज शिक्षकों के लिए दिवाली से पहले बड़ा तोहफा, प्रमोशन और पे बैण्ड-IV के आदेश जारी | यहां देखें पूरी लिस्ट

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए DA का नया आंकड़ा आया, अब इतने फीसदी हो सकता है महंगाई भत्ता | जुलाई के आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीदें

60 की उम्र के बाद भी नौकरी का मौका | सरकारी पोर्टल पर बुजुर्गों के लिए 1.68 लाख वैकेंसी, 1.89 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *