महादेव ट्रेडिंग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने राजस्थान में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीगंगानगर और जयपुर में भाजपा नेता अशोक चांडक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच जारी है।
जयपुर/श्रीगंगानगर। महादेव ट्रेडिंग से जुड़े चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजस्थान में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह-सुबह श्रीगंगानगर और जयपुर समेत राज्य के पांच ठिकानों पर एक साथ पहुंची टीमों ने दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस की गहन पड़ताल शुरू की। इस कार्रवाई को देशभर में चल रहे एक बड़े सर्च ऑपरेशन का हिस्सा माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पटना स्थित ED के क्षेत्रीय कार्यालय की अगुवाई में राजस्थान, दिल्ली, बिहार समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसी का फोकस उन वित्तीय लेन-देन पर है, जिनका संबंध कथित तौर पर महादेव ट्रेडिंग प्रकरण से जोड़ा जा रहा है।
श्रीगंगानगर बना कार्रवाई का केंद्र
राजस्थान में सबसे बड़ी कार्रवाई सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में देखने को मिली। यहां कारोबारी और वर्तमान भाजपा नेता अशोक चांडक से जुड़े चार परिसरों पर एक साथ ED की टीमें पहुंचीं। इसके अलावा जयपुर के वैशाली नगर स्थित उनके करीबी रिश्तेदारों के आवास पर भी जांच की जा रही है। टीम परिवार के सदस्यों से वित्तीय लेन-देन और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछ रही है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव और बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां जुटानी शुरू कर दी हैं। साथ ही लॉकर और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर
अशोक चांडक कभी श्रीगंगानगर में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माने जाते थे। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रहे थे। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद से वे भाजपा की सक्रिय राजनीति में जुड़े हुए हैं।
करोड़ों की संपत्ति और बड़ा कारोबारी नेटवर्क
अशोक चांडक का नाम श्रीगंगानगर के बड़े कारोबारियों में शामिल किया जाता है। होटल, कृषि और रियल एस्टेट से जुड़े उनके कारोबार का नेटवर्क जिले से बाहर भी फैला हुआ है। चुनावी हलफनामों के अनुसार उनके परिवार के पास 50 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति दर्ज है।
उनकी पत्नी करुणा चांडक श्रीगंगानगर नगर परिषद की पूर्व सभापति रह चुकी हैं। वहीं 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते हुए 51 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे। बेटे राघव चांडक पारिवारिक कारोबार संभालते हैं और पिछले वर्ष गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह की कथित रंगदारी धमकी के बाद भी परिवार चर्चा में आया था।
क्या तलाश रही है ED?
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी संदिग्ध धन के हस्तांतरण, टैक्स चोरी और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच भी इस कार्रवाई का अहम हिस्सा है। इसी वजह से सभी ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई ताकि किसी भी संभावित सबूत से छेड़छाड़ न हो सके।
फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार
खबर लिखे जाने तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस नोट या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद जब्त दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों या नकदी को लेकर एजेंसी आधिकारिक जानकारी साझा कर सकती है।
नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।
