मुरैना में उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के बाद यात्री ट्रेन से कूद गए। दूसरी पटरी पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई।
मुरैना। ‘आग से बचो…’ सुनकर लोग ट्रेन से कूदे थे, लेकिन सामने आग नहीं, मौत खड़ी थी। मुरैना के पास एक अफवाह ने ऐसा कहर बरपाया कि जान बचाने के लिए ट्रैक पर उतरे यात्री दूसरी पटरी से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। कुछ ही पलों में रेलवे ट्रैक चीखों से गूंज उठा और चार जिंदगियां हमेशा के लिए थम गईं।
यह दर्दनाक हादसा मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने तय मार्ग पर दौड़ रही थी। यात्रियों के लिए यह एक सामान्य सफर था, लेकिन अचानक ट्रेन के भीतर किसी ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि ट्रेन में आग लग गई है। देखते ही देखते यह बात पूरे डिब्बे में फैल गई।
आग की खबर सुनते ही यात्रियों में दहशत फैल गई। किसी ने यह जांचने की कोशिश नहीं की कि आग वास्तव में लगी भी है या नहीं। डर इतना ज्यादा था कि लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से नीचे उतरना शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों ने ट्रैक पर छलांग लगा दी तो कुछ दूसरी तरफ की पटरी की ओर भागने लगे।
लेकिन असली त्रासदी अभी बाकी थी।
जिन यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर दूसरी लाइन की तरफ रुख किया था, उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उसी समय बगल की पटरी पर पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से दौड़ती हुई आ रही है। कुछ ही सेकंड में हालात बेकाबू हो गए और कई यात्री उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। रेलवे ट्रैक पर अफरा-तफरी, चीख-पुकार और भगदड़ का मंजर बन गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है।
ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री ने बताया कि हादसे की शुरुआत अचानक चेन पुलिंग से हुई। उनके अनुसार किसी व्यक्ति ने चेन खींचते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया कि ट्रेन में आग लग गई है। इसके बाद यात्री घबराकर ट्रेन से उतरने लगे।
महिला ने बताया कि जब लोग दूसरी तरफ की पटरी पार कर रहे थे, तभी वहां से पातालकोट एक्सप्रेस गुजर रही थी। इसी दौरान कई लोग उसकी चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि हादसे में एक पूरा परिवार भी प्रभावित हुआ, जिसमें पति-पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल थे।
महिला यात्री ने बताया कि वह बहादुरगढ़ से डबरा जा रही थीं और जिस ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैली थी, वह उदयपुर सिटी एक्सप्रेस थी।
इनकी हुई पहचान
मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35)निवासी सुल्तान गंज की पुलिया थाना न्यू आगरा, असद खान पुत्र नदीम खान (4) निवासी सुल्तान गंज की पुलिया, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा, रुनकता आगरा, बिरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी (60) निवासी ग्राम गैसोरा, जिला बीकानेर राजस्थान शामिल हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया तथा प्रभावित यात्रियों की मदद की गई।
अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आग लगने की अफवाह फैली कैसे? क्या किसी ने शरारत या किसी अन्य वजह से यह अफवाह उड़ाई थी या फिर किसी गलतफहमी ने इतना बड़ा हादसा खड़ा कर दिया? जांच एजेंसियां इन सवालों के जवाब तलाश रही हैं।
फिलहाल मुरैना की यह घटना एक कड़वी सीख छोड़ गई है। कई बार हादसे आग से नहीं, बल्कि आग की अफवाह से होते हैं। यहां भी आग कहीं नहीं थी, लेकिन उसके नाम पर फैले डर ने चार लोगों की जान ले ली।
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जनसंपर्क विभाग उत्तर मध्य रेलवे से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक लगभग 16:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर (HET) – धौलपुर (DHO) रेलखंड में गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो–उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन पुलिंग (ACP) किए जाने के कारण गाड़ी सेक्शन में रुक गई। प्राप्त प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, गाड़ी के रुकने के दौरान कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर समीपवर्ती रेल लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से कुछ यात्रियों के हताहत होने की सूचना प्राप्त हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घटना के कारणों एवं परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
