कोविड में ऑनलाइन पढ़े FMG अब फिर परीक्षा में? | NMC के नए नोटिस पर भड़का मेडिकल समुदाय, DMA ने नड्डा को लिखा पत्र

DMA इंडिया ने NMC के उस नोटिस का विरोध किया है जिसमें कोविड के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए ऑन-साइट कम्पेन्सेशन अनिवार्य करने की बात कही गई है। संगठन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखा।

नई दिल्ली 

कोविड-19 महामारी के दौर में ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों (FMG) पर नया नियम थोपे जाने को लेकर देश में मेडिकल समुदाय में नाराज़गी बढ़ने लगी है। डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन (DMA इंडिया) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के हालिया नोटिस का कड़ा विरोध करते हुए इसे हजारों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय बताया है। संगठन ने इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

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दरअसल NMC द्वारा जारी नोटिस No. U-15024/15/2024-UGMEB(Pt) (e-8389863) में कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए अनिवार्य ऑन-साइट कम्पेन्सेशन लागू करने की बात कही गई है। इस निर्णय को लेकर मेडिकल समुदाय में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

डीएमए इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अमित व्यास, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भानु कुमार, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी, उत्तर प्रदेश की राज्य प्रवक्ता डॉ. सिंह कृतिका जनार्दन और राष्ट्रीय एफएमजी सचिव डॉ. सौरभ यादव ने संयुक्त रूप से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर इस फैसले को अन्यायपूर्ण और प्रतिगामी बताया है।

डॉ. अमित व्यास ने कहा कि कोविड-19 महामारी एक अभूतपूर्व वैश्विक संकट था, जिसके कारण दुनिया भर के विश्वविद्यालयों को मजबूरन ऑनलाइन शिक्षण अपनाना पड़ा। यह छात्रों की व्यक्तिगत पसंद नहीं बल्कि परिस्थितियों की मजबूरी थी। ऐसे में कई वर्षों बाद छात्रों पर पिछली तारीख से नियम लागू करना पूरी तरह अनुचित है।

डीएमए का कहना है कि विदेशी चिकित्सा स्नातक पहले ही FMGE/NExT परीक्षा और अनिवार्य इंटर्नशिप जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरते हैं, जो उनकी योग्यता का पर्याप्त परीक्षण करती हैं। इसके बावजूद अतिरिक्त नियम लागू करना हजारों छात्रों के करियर को अनिश्चितता में डालने जैसा है।

संगठन ने दावा किया है कि देशभर में इस नोटिस को लेकर मेडिकल समुदाय में व्यापक असंतोष है और इसे अन्यायपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। डीएमए ने चेतावनी दी है कि यदि यह नोटिस जल्द वापस नहीं लिया गया तो इसका विरोध और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

डीएमए की प्रमुख मांगें

  • NMC द्वारा जारी नोटिस को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।

  • महामारी से प्रभावित छात्रों को विशेष छूट (Exemption) दी जाए।

  • छात्रों पर पिछली तारीख से नए नियम लागू न किए जाएं।

  • FMGE/NExT और अनिवार्य इंटर्नशिप को ही FMG की योग्यता का अंतिम मूल्यांकन माना जाए।

डीएमए इंडिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर NMC को नोटिस वापस लेने के निर्देश दें, ताकि प्रभावित छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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