9 साल बाद इंसाफ की दस्तक | सरदार राव हत्याकांड में 3 को उम्रकैद, 6 को 10 साल की कठोर सजा; लॉरेंस बिश्नोई बरी

सीकर (Sikar) के सरदार राव मर्डर केस (Sardar Rao murder case) में 9 साल बाद एससी-एसटी कोर्ट का बड़ा फैसला। 3 दोषियों को उम्रकैद, 6 को 10-10 साल की सजा, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई बरी। पूरा मामला पढ़ें।

सीकर 

करीब नौ साल तक अदालत की दहलीज पर टंगा रहा सरदार राव हत्याकांड आखिरकार आज अपने अंजाम तक पहुंचा। एससी-एसटी कोर्ट ने मंगलवार को सभी 11 आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद बुधवार को सजा का ऐलान किया—और यह ऐलान तीन दोषियों के लिए उम्रकैद और छह के लिए 10-10 साल के कठोर कारावास के रूप में सामने आया।

कोर्ट का फैसला सुनते वक्त माहौल भारी था। कड़ी सुरक्षा के बीच दस दोषियों को कोर्ट में पेश किया गया, जबकि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ा। इसी फैसले में अदालत ने लॉरेंस बिश्नोई और यतेन्द्रपाल को बरी कर दिया, जबकि हरेंद्र, अरुण और हरदेवराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

उम्रकैद का फैसला, जिसने केस की दिशा तय की

अदालत ने साफ किया कि हत्या की साजिश, सुपारी और क्रियान्वयन—तीनों स्तरों पर अपराध की गंभीरता साबित हुई। हरदेवराम को सुपारी देने वाला मानते हुए उम्रकैद दी गई, वहीं हरेंद्र और अरुण को भी हत्या में प्रत्यक्ष भूमिका के चलते आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा छह अन्य दोषियों को 10-10 साल की कठोर कैद दी गई। कोर्ट ने सुभाष बरार को फरार मानते हुए उसके खिलाफ फैसला सुरक्षित रखा।

2017 की वह दोपहर, जिसने जुराठड़ा की राजनीति बदल दी

23 अगस्त 2017—पलसाना कस्बे की एक दुकान पर बैठे पूर्व सरपंच सरदार राव को गोलियों से छलनी कर दिया गया। जांच में सामने आया कि यह हत्या चुनावी रंजिश और बदले की आग में रची गई साजिश का नतीजा थी। सरदार राव 2010 से 2017 तक जुराठड़ा के सरपंच रहे, और उनका प्रभाव ही उनके लिए जानलेवा बन गया।

लंबी जांच, एनकाउंटर और अधूरी कड़ियां

मामले में एक शूटर अंकित भादू का मोहाली में एनकाउंटर हो चुका है। वहीं सम्पत नेहरा, विजयपाल नागवा, रविंद्र, रेडी और जग्गू भगवानपुरिया समेत पांच आरोपियों के खिलाफ धारा 173(8) के तहत जांच अभी पेंडिंग है।

नौ साल बाद आया फैसला, लेकिन सवाल बाकी

अदालत का फैसला जहां पीड़ित परिवार के लिए न्याय की एक सांस लेकर आया, वहीं लॉरेंस बिश्नोई के बरी होने और कुछ आरोपियों पर लंबित जांच ने इस केस को पूरी तरह बंद नहीं होने दिया। सरदार राव की हत्या का यह फैसला बताता है— इंसाफ देर से सही, लेकिन सख्त हो तो उसकी गूंज सालों तक सुनाई देती है।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

कैबिनेट में बड़े फैसलों की बौछार | अशांत इलाकों में संपत्ति सौदों पर लगाम, एयरोस्पेस-डिफेन्स और सेमीकंडक्टर पर राजस्थान का मेगा दांव, जानिए और क्या हुए फैसले

सरकारी नौकरी वालों के लिए बड़ा तोहफा | एक ही वेतन खाते में बैंकिंग, बीमा और कार्ड की पूरी ताक़त, जानें क्या है पूरा पैकेज

रेलवे बोर्ड का नया आदेश, परिवार की परिभाषा बदली; माता-पिता के बाद भी बेटियों के नाम जारी रहेंगे ये ख़ास लाभ

‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।