राजस्थान कैबिनेट (Rajasthan Cabinet) की बैठक में अशांत क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण पर सख्ती, एयरोस्पेस-डिफेन्स और सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी सहित कई बड़े फैसले।
जयपुर
मुख्यमंत्री कार्यालय में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक सिर्फ औपचारिक चर्चा नहीं थी, बल्कि यह संकेत था कि आने वाले समय में राजस्थान की सामाजिक संरचना से लेकर औद्योगिक नक्शा तक बदलने वाला है। एक ओर अशांत घोषित क्षेत्रों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर सख्त पहरा बैठाने की तैयारी है, तो दूसरी ओर एयरोस्पेस, डिफेन्स और सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक सेक्टर में प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर ताकतवर खिलाड़ी बनाने का रोडमैप तय कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan lal Sharma) की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए, जिनका असर कानून-व्यवस्था, उद्योग, रोजगार, शिक्षा और ग्रामीण विकास तक साफ दिखाई देगा।
अशांत क्षेत्रों में संपत्ति सौदों पर ब्रेक
कैबिनेट ने ‘दि राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इम्मूवेबल प्रोपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि जनसंख्या असंतुलन और सामुदायिक तनाव के कारण जब किसी क्षेत्र को अशांत घोषित किया जाता है, तब वहां के स्थायी निवासियों को अक्सर मजबूरी में अपनी संपत्तियां औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती हैं। अब ऐसे क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना अचल संपत्ति का हस्तांतरण शून्य और अमान्य माना जाएगा।
नियमों की अनदेखी करने पर 3 से 5 साल तक की जेल और जुर्माना, वह भी गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध के तहत, प्रस्तावित है। सरकार का दावा है कि इससे सामुदायिक सद्भाव और सामाजिक संतुलन को मजबूती मिलेगी।
एयरोस्पेस और डिफेन्स में राजस्थान का बड़ा प्लान
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि प्रदेश को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के उद्देश्य से राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेन्स पॉलिसी को मंजूरी दी गई है।
इस नीति के तहत MSME, स्टार्टअप्स, प्रिसीजन इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस-रिपेयर-ओवरहॉलिंग यूनिट्स को खास प्रोत्साहन मिलेगा।
50 करोड़ से 300 करोड़ तक निवेश वाली परियोजनाएं लार्ज, 300 से 1000 करोड़ मेगा और 1000 करोड़ से ऊपर अल्ट्रा मेगा श्रेणी में आएंगी। टैक्स रिइम्बर्समेंट, पूंजीगत अनुदान, टर्नओवर-लिंक्ड इंसेंटिव, रोजगार बूस्टर और सनराइज बूस्टर जैसे प्रावधानों के जरिए निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर नीति से हाई-टेक रोजगार का रास्ता
कैबिनेट ने प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2025 को भी हरी झंडी दे दी। इसका मकसद सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन और पैकेजिंग में राजस्थान को देश का प्रमुख गंतव्य बनाना है।
इस नीति में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, अक्षय ऊर्जा, जल दक्षता और रिसर्च-डेवलपमेंट पर विशेष जोर है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा।
आरपीएससी, आचरण नियम और बाल विवाह पर सख्ती
राजस्थान लोक सेवा आयोग में उप सचिव पद पर पदोन्नति अनुपात में बदलाव करते हुए सहायक सचिव और निजी सचिव संवर्ग से 10:1 के अनुपात में पदोन्नति का निर्णय लिया गया। वहीं, राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में संशोधन कर बाल विवाह से जुड़े प्रावधानों को बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के अनुरूप सख्त किया गया है।
ग्राम उत्थान शिविर, ऊर्जा परियोजनाएं और मेगा पीटीएम
23 जनवरी से प्रदेशभर में 2839 ग्राम उत्थान शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें 12 विभागों की योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर मिलेगा।
बीकानेर और जैसलमेर में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई है।
बसंत पंचमी पर प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में मेगा पीटीएम आयोजित होगा, जिसमें 65 लाख अभिभावकों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया है।
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