उदयपुर में हार्टफूलनेस ध्यान केंद्र द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस संजय भाटिया ने हार्टफूलनेस मेडिटेशन से मानसिक संतुलन और आत्मबल बढ़ाने के लाभ बताए।
उदयपुर
तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवन के बीच यदि मन को ठहराव और हृदय को संतुलन चाहिए, तो हार्टफूलनेस मेडिटेशन एक प्रभावी साधन बन सकता है। यह बात हार्टफूलनेस ध्यान केंद्र उदयपुर के तत्वाधान में सहेली नगर केंद्र पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुंबई केंद्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय भाटिया ने कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय भाटिया ने बताया कि हार्टफूलनेस मेडिटेशन एक अनूठी तकनीक है, जिसके नियमित अभ्यास से हृदय और मन के बीच सहज रूप से संतुलन स्थापित होता है। इससे आत्मबल में वृद्धि होती है और व्यक्ति के कार्य स्वाभाविक रूप से अधिक उत्कृष्ट, संतुलित और प्रभावशाली बनते हैं।
सेंटर कोऑर्डिनेटर डॉ. राकेश दशोरा ने जानकारी दी कि इस संवाद कार्यक्रम में हार्टफूलनेस मिशन के सदस्यों के साथ-साथ नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। उपस्थितजनों ने न केवल संवाद में भाग लिया, बल्कि हार्टफूलनेस ध्यान का प्रत्यक्ष अभ्यास भी किया।
कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ. रीता नागपाल, डॉ. उमा ओझा, नम्रता जैन और नरेंद्र मेहता ने आज की व्यस्त जीवनशैली, मानसिक दबाव और आध्यात्मिक संतुलन से जुड़े प्रश्न पूछे। संवाद के निष्कर्ष में संजय भाटिया ने कहा कि यदि हम शांत, संतुलित और परिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं, तो हार्टफूलनेस मेडिटेशन एक सशक्त उपकरण के रूप में हमारे पास उपलब्ध है, जिसका उपयोग कर जीवन को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
मीडिया प्रभारी डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में मधु मेहता, दीपक बोडिया, दीपक सेठी, आशु सेठी, इंदु तिवारी, वंदना सहित कई अन्य प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
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