सामने आया देश के 52वें CJI का नाम, जस्टिस संजीव खन्ना ने की इनके नाम की सिफारिश 

नई दिल्ली 

भारत को अपना अगला मुख्य न्यायाधीश (CJI) मिलने वाला है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मौजूदा सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना (CJI Justice Sanjeev Khanna) ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई (Justice BR Gavai) को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही तय हो गया है कि जस्टिस गवई देश के 52वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) होंगे। वे 14 मई को शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी।

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भारतीय न्यायपालिका की परंपरा के मुताबिक, कार्यरत CJI अपने बाद सबसे वरिष्ठ जज को उत्तराधिकारी के तौर पर नामित करते हैं। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के रिटायरमेंट के बाद नवंबर 2024 में जस्टिस संजीव खन्ना ने CJI का पद संभाला था। अब उन्होंने जस्टिस गवई को अपना उत्तराधिकारी चुना है।

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जस्टिस गवई का कार्यकाल भले ही करीब छह महीने का होगा, क्योंकि वे नवंबर 2025 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे, लेकिन उनका चयन इतिहास रचने वाला है। वे देश के दूसरे दलित CJI होंगे। उनसे पहले जस्टिस केजी बालकृष्णन ने 2007 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

जस्टिस गवई का न्यायिक सफर

  • जन्म: 24 नवंबर, 1960 | जन्मस्थान: अमरावती, महाराष्ट्र
  • वकालत की शुरुआत: 1985 में बार काउंसिल में शामिल हुए
  • बॉम्बे हाईकोर्ट: 1987-1990 तक स्वतंत्र प्रैक्टिस
  • नागपुर बेंच: संवैधानिक और प्रशासनिक कानून मामलों में विशेषज्ञता
  • सरकारी वकील: 1992 में सहायक सरकारी वकील, 2000 में सरकारी वकील
  • न्यायाधीश नियुक्ति: 2003 में अतिरिक्त, 2005 में स्थायी जज
  • सुप्रीम कोर्ट जज: 2019 में नियुक्त

कुछ अहम फैसलों में भी रहे शामिल
जस्टिस गवई ने कई अहम और चर्चित मामलों की सुनवाई में हिस्सा लिया है:

  • नोटबंदी केस: सरकार को करेंसी को अवैध घोषित करने का अधिकार है, इस फैसले में शामिल रहे
  • बुलडोजर कार्रवाई: इस पर दिए गए फैसले में शामिल
  • इलेक्टोरल बॉन्ड: विवादित योजना पर फैसला देने वाली पीठ का हिस्सा रहे

पारिवारिक पृष्ठभूमि
जस्टिस गवई के पिता आरएस गवई न केवल एक नामचीन सामाजिक कार्यकर्ता रहे, बल्कि बिहार और केरल के राज्यपाल भी रह चुके हैं।

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