चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने ग्रु-सी व डी की भर्ती के लिए संचालित किए जाने वाले ‘कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट’ (CET) के लिए नियम एवं शर्तों की गजट अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना जारी होते ही सीईटी परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। पिछले काफी समय से करीब आठ लाख युवाओं को परीक्षा का इंतजार है। अब ग्रुप सी और डी की भर्तियां जल्द होने की उम्मीद बढ़ गई है। यह परीक्षा नेशनल टेस्ट एजेंसी कराएगी।
मुख्य सचिव विजय वर्धन की ओर से जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, एक बार परीक्षा पास करने के बाद उसकी वैधता तीन साल की होगी। टेस्ट के परिणाम की हार्ड-कॉपी जहां एक वर्ष तक रखी जाएगी वहीं डिजिटल रूप में पांच वर्ष तक सुरक्षित रखने का नियम तय किया है।
स्कोर बढ़ाने के लिए बार-बार दे सकते हैं परीक्षा
नियमों के तहत परीक्षा देने के लिए कोई पाबंदी नहीं है। पास करने के बाद ही परीक्षार्थी अपना स्कोर बढ़ाने के लिए बार-बार परीक्षा दे सकता है। वहीं, चयन के मामले में अगर कुल पेपर 400 का अंक है तो इसमें 20 अंक अनुभव, सामाजिक आर्थिक आरक्षण के आधार पर रहेंगे। विवाद को लेकर पंचकूला अदालत रहेगी। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को अपर एजीसी सीमा में छूट मान्य होगी।
सामान्य वर्ग को 50 और आरक्षित वर्ग को लाने होंगे 40 फीसदी अंक
CET में मिलने वाले नंबरों के आधार पर ही उम्मीदवार का भर्तियों में चयन होगा। इस टेस्ट में सामान्य वर्ग के उम्मीदवार के लिए 50 फीसदी व अन्य रिजर्व श्रेणियों के उम्मीदवार को 40 फीसदी नंबर लेने होंगे। इससे कम नंबर वाले उम्मीदवार को किसी भी भर्ती के लिए शॉर्ट लिस्ट नहीं किया जाएगा। 12वीं पास के लिए होने वाले इस एग्जाम को वे विद्यार्थी भी दे सकेंगे अभी 12वीं की तैयारी कर रहे हैं। अगर वह एग्जाम में पास हो जाता है तो उसके लिए इसी साल 12वीं पास करना भी अनिवार्य हो जाएगा, अन्यथा उसका CET का रिजल्ट अमान्य कर दिया जाएगा।
मेरिट सूची के आधार पर बुलाए जाएंगे
अगर रिक्तियों की संख्या 30 से कम है, तो पांच गुना अधिक उम्मीदवार बुलाए जाएंगे। इसी प्रकार यदि रिक्तियां 30 और 50 के बीच हैं तो 150 उम्मीदवार और रिक्तियों की संख्या 50 से अधिक है तो तीन गुना के बराबर उम्मीदवार बुलाए जाएंगे। यदि कट ऑफ एक से अधिक उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त किया जाता है, चयन पर सहमति से अन्य विकल्प होंगे। इनमें एक और लिखित परीक्षा शामिल रहेगी। यदि कट ऑफ एक से अधिक उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त किया जाता है तो आयु में वरिष्ठ उम्मीदवार मान्य होगा।
पीपीपी नहीं देने वालों को देनी होगी अधिक फीस
जिन उम्मीदवारों ने बिना परिवार पहचान पत्र बनवाए एग्जाम के लिए अप्लाई किया है, उनसे डबल फीस ली जाएगी। सामान्य श्रेणी के लिए फीस 500 रुपए व रिजर्व के लिए 250 रुपए रहेगी। एक बार एग्जाम देने के बाद रिजल्ट तीन साल तक मान्य होगा। रिजल्ट की हार्ड कॉपी एक साल के लिए व डिजिटल रिजल्ट तीन साल तक सुरक्षित रहेगा।
अगर कोई आधार कार्ड नहीं देता है तो उसको 1000 रुपये फीस देनी होगी। इसी प्रकार, महिला, एक्स सर्विस मैन, दिव्यांग, एससी और बीसी उम्मीदवारों को 250 रुपये देने होंगे, जो आधार कार्ड नहीं देगा उसको 500 रुपये देने होंगे। इसी प्रकार, हरियाणा के बाहर निवासियों के लिए आधार देने वालों को 500 और नहीं देने वालों को 1000 रुपये फीस देनी होगी।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- चिंगारी बनी काल: भरतपुर में शॉर्ट सर्किट ने बुझा दिया पूरा घर | एक ही दिन में अनाथ हुए दो मासूम, मां-बाप दोनों की दर्दनाक मौत
- 49 दिन बाद खुला ‘तेल का दरवाज़ा’: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा फैसला | तेल-गैस कीमतें धड़ाम, भारत को मिली राहत—जेब पर कम होगा दबाव
- नागरिकता विवाद फिर भड़का: राहुल गांधी पर FIR का आदेश | इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच सख्त—CBI जांच के निर्देश, पुराने फैसले पर नया मोड़
- डमी उंगलियां, नकली रेटिना और फर्जी सिग्नेचर | जयपुर से भादरा तक फैला ‘डिजिटल धोखे’ का जाल, ATS ने दबोचा मास्टरमाइंड
- होटल के कमरे में खून का खेल | 1.5 घंटे की मुलाकात बनी मौत की कहानी… प्रेमिका ने ही प्रेमी का गला रेत दिया
- 100 KM सिर्फ 15 मिनट में! | अब आसमान से दौड़ेगा आपका रोज का सफर… भारत में ‘एयर टैक्सी’ की नई उड़ान
- SDM दफ्तर में रिश्वत का जाल: 60 हजार लेते ही दबोची गई अफसर | बैग से निकले 4 लाख, ACB का बड़ा ट्रैप
- बचत नहीं तो भविष्य अधूरा: होटल में जुटे शहर के दिमाग | निवेश के गुर सीखे, समय पर आने वालों को मिला इनाम
- हिजाब OK, बिंदी-तिलक NO? Lenskart की ग्रूमिंग गाइड पर बवाल | 27 पन्नों की पॉलिसी लीक, सोशल मीडिया पर भड़का विवाद
- नाम से खेल, जेब पर वार: बिना बताए बना दिया लोन का गारंटर | बैंक का फोन आया तो 72 साल के बुजुर्ग के उड़ गए होश
