खाने की शुद्धता पहचानने से लेकर मिलावट की जांच तक, उदयपुर में विद्यार्थियों को बताए खाद्य सुरक्षा के डिजिटल तरीके

उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. रवि ने FSSAI की पहलों और खाद्य सुरक्षा ऐप्स की जानकारी दी।

उदयपुर। बाजार से खरीदे जाने वाले खाद्य पदार्थ कितने सुरक्षित हैं, उनमें मिलावट की पहचान कैसे की जा सकती है और पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़कर सही खाद्य सामग्री का चुनाव कैसे करें? विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े इन महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्रारंभिक जांच से लेकर स्वच्छ भोजन और सरकारी डिजिटल संसाधनों के उपयोग तक विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया।

विश्वविद्यालय के सामुदायिक एवं व्यवहारिक विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा और सुरक्षित खाद्य प्रथाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसमें खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की ओर से संचालित विभिन्न पहलों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी दी गई।

वीडियो के माध्यम से समझाए खाद्य सुरक्षा के तरीके

कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के फूड एनालिस्ट डॉ. रवि रहे। उन्होंने वीडियो के माध्यम से खाद्य सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न पहलों और डिजिटल संसाधनों की जानकारी दी। इनमें फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स, फासकोरस ऐप, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ऐप, क्लीन स्ट्रीट फूड हब सर्टिफिकेशन, भोग सर्टिफिकेशन तथा घरेलू स्तर पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्रारंभिक जांच से संबंधित DART ऐप शामिल रहे।

डॉ. रवि ने खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान और सुरक्षित भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में इन पहलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित उपयोगी संसाधनों से परिचित कराया।

फूड लेबल पढ़कर खाद्य पदार्थ चुनने पर जोर

कार्यक्रम में महाविद्यालय की अधिष्ठाता प्रोफेसर सरला लखावत ने विद्यार्थियों को खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनके पैकेट पर दी गई जानकारी और फूड लेबल पढ़ने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने खाद्य पदार्थों के चयन में लेबल की जानकारी को समझने के महत्व पर जोर दिया।

इस अवसर पर सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन को स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सरकारी पहलों और उपयोगी डिजिटल संसाधनों की जानकारी देने के साथ सुरक्षित खाद्य प्रथाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रेनू मोगरा ने किया।

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