मुम्बई
अपनी किताब ‘लाल सलाम’ के प्रमोशन के लिए कपिल शर्मा शो पर पहुंची केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ ट्रेजडी हो गई। स्मृति ईरानी उस घटना से इतनी अपसेट हुईं कि सेट पर पहुंचने से पहले ही घर लौट गईं।
दरअसल स्मृति ईरानी अपनी किताब के प्रमोशन के लिए पहुंची तो कपिल शर्मा के सेट के बाहर ही गार्ड ने उनको रोक दिया और पहचानने से इंकार कर दिया। मजेदार बात ये है कि उस गार्ड ने फूड डिलिवरी बॉय को बिना पूछताछ के जाने दिया। इसी बात से नाराज स्मृति ईरानी बिना शूटिंग के लौट गईं।
जब कपिल और उनकी प्रोडक्शन की टीम को इस बात का पता लगा तो सेट पर खलबली मच गई । प्रोडक्शन टीम ने स्मृति ईरानी से बात करने की काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार शूटिंग कैंसिल करनी पड़ी। उसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंचा और कपिल की प्रोडक्शन टीम से काफी देर तक उनकी बातचीत हुई। जब बात नहीं बनी, तो प्रोडक्शन टीम ने सेट से जुड़े लोगों को घर जाने को कह दिया।
काफी समझाइश के बाद भी गार्ड ने एंट्री नहीं दी
केंद्रीय मंत्री उनके ड्राइवर और दो लोगों की टीम के साथ शो की शूटिंग के लिए शाम को कपिल शर्मा के सेट पर पहुंची थीं। एंट्रेंस गेट पर वहां का सिक्योरिटी गार्ड अन्ना उन्हें पहचान नहीं पाया और उसने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। स्मृति ने उसे बताया कि उन्हें सेट पर एपिसोड की शूटिंग के लिए इनवाइट किया गया है, वे शो की स्पेशल गेस्ट हैं। इस पर गार्ड ने कहा, ‘ सॉरी मैडम आप अंदर नहीं जा सकतीं, हमें कोई आदेश नहीं मिला है।’ स्मृति ईरानी ने प्रोडक्शन टीम और कपिल शर्मा को फोन भी लगाए, लेकिन बात नहीं हो पाई। आखिर नाराज होकर स्मृति ईरानी बगैर शूट किए वापस लौट गईं।
स्मृति काफी देर तक गार्ड को समझाने की कोशिश करती रहीं, लेकिन गार्ड नहीं माना। तभी डिलीवरी बॉय अंदर कलाकारों के लिए फूड पैकेट की डिलीवरी देने आया था, गार्ड ने उसे बगैर कुछ पूछे जाने दिया। इस पर केंद्रीय मंत्री काफी नाराज हुईं।
गार्ड ने फोन बंद किया
जब सिक्योरिटी गार्ड को यह बात पता चली कि उसने जिन्हें अंदर जाने से रोक दिया, वे केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी थीं तो घबराकर वह सेट से भाग खड़ा हुआ। उसने अपना फोन भी बंद कर दिया।
ब्लॉक बस्टर साबित होगी ‘लाल सलाम’ लिखने में लगे 10 साल
जानकारी के मुताबिक स्मृति ईरानी ने सच्ची घटना पर ये थ्रिलर बुक ‘लाल सलाम’ लिखी है और उन्हें इस किताब को पूरा करने में लगभग 10 साल लगे हैं। वेस्टलैंड पब्लिशिंग कंपनी की यह किताब 29 नवंबर को बाजार में आएगी।
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