यह दुनिया दर्द का दरिया,
पर यहीं हमें रहना है।
अश्रु को समझ कर मोती
जीवन अपना जीना है।
अपना ही गम
Tag: Dr. Alka Agarwal
क्यों सुख चपला सा चमके…
डायरी के पन्ने…
पापा को इस दुनिया से गए 4 दिन हो गए थे। सभी रिश्तेदार जा चुके थे। मैं मां के पास ही रुक गई थी। मां नींद की गोली देने के बाद बड़ी मुश्किल से
भांति भांति के लोग…
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