दौसा
दौसा जिले की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो एक्सीडेंट की फर्जी रिपोर्ट कराकर फर्जी क्लेम उठाने का काम करता था। इस गिरोह में कुछ डॉक्टर, वकील और पुलिस के लोग शामिल हैं। ऐसे पंद्रह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
इनको गिरफ्त में लेने के लिए दौसा जिले के चार थानों दौसा कोतवाली, सदर थाना, नांगल राजावतान व रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की। जानकारी में आया है कि यह गिरोह फर्जी दुर्घटना व पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर लाखों का क्लेम उठाता था। गिरोह में शामिल किरदारों की अपने अलग-अलग भूमिका थी। इनमें एक एक्सीडेंट की झूठी कहानी रचकर कर थाने में फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराता था तो दूसरा फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाता था। तीसरा कानूनी फाइल तैयार करता था।
इस फर्जीवाड़े में पुलिस कंट्रोल रूम की क्यूएसटी से लेकर डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने में एक डॉक्टर तथा पुलिस का एएसआई भी लिप्त पाया गया है। इनके द्वारा कई पुलिस थाना फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले भी उजागर हुए हैं। एसपी अनिल बेनीवाल ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
एक्सीडेंट केस में लगी FR रिओपन की तो खुला राज
24 सितम्बर 2016 को बैजवाड़ी निवासी बत्तीलाल मीणा ने रिपोर्ट दी थी कि उसके पिता रामकुमार मीणा व लक्ष्मीनारायण रेगर समेत कई अन्य लोग भरतहरी अलवर जा रहे थे। इस दौरान दौसा मिड वे के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से दोनों की मौत हो गई। एएसआई रमेश जाटव ने मामले की जांच करते हुए अज्ञात वाहन से एक्सीडेंट बताते हुए एफआर लगा दी थी। बाद में केस रिओपन होने पर मामले की जांच तत्कालीन डिप्टी एसपी राजेंद्र त्यागी ने की।
डिप्टी एसपी द्वारा की गई जांच में एएसआई रमेशचंद जाटव व जिला अस्पताल के तत्कालीन मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ.सतीश खंडेलवाल की मिलीभगत उजागर हुई, इसके बाद दोनों के खिलाफ कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया।
जांच में सामने आया कि राम कुमार मीणा की मौत 3 माह पूर्व टीबी की बीमारी से तथा लक्ष्मीनारायण रेगर की मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया। उक्त प्रकरण में पुलिस के एएसआइ, जिला अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिष्ट व एडवोकेट चतुर्भुज मीणा द्वारा एक्सीडेंट की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर क्लेम उठाने का दोषी पाया गया। आरोपी इसी तरह से कई फर्जी एक्सीडेंट पर लाखों रुपए का क्लेम उठा चुके थे।
इनको किया गिरफ्तार
एडवोकेट चतुर्भुज मीणा निवासी बागपुरा की ढाणी छारेड़ा, डॉ. सतीश खंडेलवाल निवासी आदर्श कॉलोनी दौसा, मनोहर मीणा निवासी खातीवाली ढाणी छारेड़ा, रमेशचंद जाटव निवासी महू इब्राहिमपुर करौली हाल निवासी डोरिया कॉलोनी सोमनाथ चौराहा, कल्याणसहाय मीणा निवासी सिंदोली, राजकमल सिसोदिया निवासी तख़्तेशाही रोड़ कानोता बाग जयपुर, ब्रह्मानंद रेगर निवासी गणेशपुरा कॉलोनी जमवारामगढ़, गोकुल मीणा निवासी खोज्यावाला जयपुर, गैदी देवी निवासी बस्सी, रामप्रसाद रेगर निवासी मोहनपुरा बस्सी, गणपत लाल रेगर चाकसू, अभिमन्यु रेगर निवासी बस्सी, रामकिशन मीणा, लक्ष्मीनारायण मीणा व कल्याणसहाय मीणा निवासी नदीवाली ढाणी बैजवाडी।
क्या आपने ये खबरें भी पढ़ीं?
- SDM दफ्तर में रिश्वत का जाल: 60 हजार लेते ही दबोची गई अफसर | बैग से निकले 4 लाख, ACB का बड़ा ट्रैप
- बचत नहीं तो भविष्य अधूरा: होटल में जुटे शहर के दिमाग | निवेश के गुर सीखे, समय पर आने वालों को मिला इनाम
- हिजाब OK, बिंदी-तिलक NO? Lenskart की ग्रूमिंग गाइड पर बवाल | 27 पन्नों की पॉलिसी लीक, सोशल मीडिया पर भड़का विवाद
- नाम से खेल, जेब पर वार: बिना बताए बना दिया लोन का गारंटर | बैंक का फोन आया तो 72 साल के बुजुर्ग के उड़ गए होश
- दौसा की कलम का दम: बाल साहित्य में दो नाम चमके | भोपाल में सम्मानित होंगे उत्कर्ष नारायण और संतोष ऋचा
- विवाह प्रमाण पत्र बना ‘कमाई का जरिया’ | 10,400 की रिश्वत लेते VDO रंगे हाथों पकड़ी, ACB की बड़ी कार्रवाई
- सरकारी वकील पर रिश्वत का दाग | केस से नाम हटाने के खेल में 14 साल बाद 3 साल की सजा, ACB कोर्ट का बड़ा फैसला
- कोर्ट का सख्त फैसला | दुष्कर्म केस में आरोपी को उम्रकैद, 1 लाख जुर्माना भी लगाया
- पहले दिन ही इस्तीफा! | चंडीगढ़ के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप, डॉक्टर ने खोला सिस्टम का काला सच
- वैश्विक चुनौतियों पर मंथन का मंच | दिल्ली विश्वविद्यालय में ICSRD-2026 सम्मेलन में सतत विकास पर गूंजे विचार
