जयपुर
रीट परीक्षा पेपर लीक मामले में एसओजी ने REET Exam स्टेट को-ऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर को शनिवार को हिरासत में ले लिया। SOG पराशर को एसओजी मुख्यालय लेकर पहुंची है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पराशर वही हैं जिनको राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बर्खास्त अध्यक्ष डॉ. डीपी जारोली ने REET Exam स्टेट को-ऑर्डिनेटर नियुक्त करवाया था। पराशर भरतपुर के विधायक और मंत्री सुभाष गर्ग के भी खास हैं। अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या सुभाष गर्ग से भी कोई पूछताछ की जाएगी?
आपको बता दें कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बर्खास्त अध्यक्ष डॉ. डीपी जारोली ने ही अपने पाराशर को रीट परीक्षा का स्टेट को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया था। पाराशर ने एक गैर सरकारी व्यक्ति राम कृपाल मीणा सहित चार अन्य लोगों को शिक्षा संकुल में रीट पेपर की सुरक्षा और अन्य व्यवस्था देखने के लिए नियुक्त किया था। शिक्षा संकुल के स्ट्रांग रूम से मीणा ने ही रीट का पेपर लीक कर भजनलाल विश्नोई सहित सात अन्य लोगों तक पहुंचाया।
अब जारौली पर कसेगा शिकंजा
पाराशर से एसओजी मुख्यालय में अलग-अलग चरणों में पूछताछ की जा रही है। पाराशर से पूछताछ करने के बाद एसओजी डीपी जारोली पर भी शिकंजा कस सकती है। उन्हें भी पूछताछ के लिए एसओजी मुख्यालय बुलाया जा सकता है। पराशर को देर रात गिरफ्तार किया जा सकता है।
नकल में शामिल कैंडिडेट रिजल्ट होगा रद्द
इस बीच एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों ने नकल के सहारे रीट पास की है, उनकी बोर्ड से डिटेल लेकर रिजल्ट रद्द करवाया जाएगा। ऐसे सभी अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित करवाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसओजी ऐसे 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। रीट परीक्षा लेवल 2 की एसओजी जांच कर रही है। लेवल 1 की परीक्षा के संबंध में उनके पास कोई मामला दर्ज नहीं है और कोई जांच भी नहीं की जा रही है।
मंत्री सुभाष गर्ग तक पहुंच सकती है आंच
इस बीच पता चला है कि इस प्रकरण में आंच अब मंत्री सुभाष गर्ग तक भी पहुंच सकती है। क्योंकि शनिवार को ही निलंबन के बाद हिरासत में लिए गए REET के स्टेट कोऑर्डिनेटर प्रदीप पाराशर की मंत्री सुभाष गर्ग से भी करीबी दोस्ती रही है। 2011 और 2012 में कांग्रेस सरकार में भी पाराशर को आरटेट परीक्षा का कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। तब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुभाष गर्ग ही थे। और इस बार फिर कांग्रेस सरकार में प्रदीप पाराशर को REET का स्टेट कोर्डिनेटर बना दिया गया। पराशर सुभाष गर्ग और बोर्ड के बर्खास्त अध्यक्ष डीपी जारौली का करीबी दोस्त है। हालांकि डा.सुभाष गर्ग यह साफ कर चुके हैं कि उनका इस प्रकरण से कोई लेने देना नहीं है।
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