राजस्थान कैबिनेट की 3 दिसंबर बैठक में अनुकंपा नियुक्ति की समयसीमा 180 दिन की गई, जन विश्वास उपबंध संशोधन अध्यादेश पास हुआ, प्रवासी पॉलिसी और ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 को मंजूरी मिली। किशनगढ़ एयरपोर्ट को वैकल्पिक एयरपोर्ट घोषित किया गया।
जयपुर
बुधवार, 3 दिसंबर की दोपहर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में जब कैबिनेट की बैठक शुरू हुई तो माहौल बिल्कुल साफ था—आज कई पुराने नियम बदलने वाले हैं और राजस्थान प्रशासन की रफ्तार को नई दिशा मिलने वाली है। बैठक खत्म होते-होते सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति से लेकर नए आर्थिक दंड, प्रवासी नीति, ट्रेड प्रमोशन और एयरपोर्ट विस्तार तक पूरे प्रदेश का नक्शा हिला देने वाले बड़े-बड़े फैसले सुना दिए।
सबसे बड़ा फैसला—अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन की समयसीमा 90 दिन से बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई। यानी अब किसी भी शासकीय कर्मचारी के निधन पर परिवार को दोगुना वक्त मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि “राजस्थान जन विश्वास उपबंधों का संशोधन अध्यादेश” पास कर दिया गया है। सरकार का मकसद है ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करना। जहां-जहां छोटी-मोटी गलतियों पर जेल की व्यवस्था थी, वहां अब आर्थिक दंड लागू होगा।
पर्यावरण संरक्षण के मामले में सरकार और सख्त हुई—पेड़ काटने का जुर्माना ₹100 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है, और दोबारा गलती पर यह राशि दोगुनी हो जाएगी।
यही नहीं, भर्ती परीक्षाओं की वेटिंग लिस्ट अब 6 महीने नहीं बल्कि 12 महीने तक वैध रहेगी। इससे हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
सरकार ने पहली बार ABCDE मॉडल पर आधारित एक नई “प्रवासी पॉलिसी” का ब्लूप्रिंट भी रखा। इसके तहत NRR निवेश सेल बनाई जाएगी और एक इंवेस्ट लाइजन ऑफिसर भी नियुक्त होगा—ताकि दुनियाभर में बसे राजस्थानियों का निवेश सीधे प्रदेश में आ सके।
व्यापारियों के लिए सरकार ने राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025 को मंजूरी दी। इसमें खुदरा और थोक व्यापारियों को आसान कर्ज, ब्याज सब्सिडी और कई आर्थिक राहतें शामिल होंगी।
दिन का सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर फैसला—किशनगढ़ एयरपोर्ट अब आधिकारिक रूप से “वैकल्पिक एयरपोर्ट” बनाया जाएगा।
इसके लिए राज्य सरकार 15 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को निःशुल्क दे रही है।
मंत्री पटेल ने कहा, “जयपुर एयरपोर्ट दिल्ली का बड़ा विकल्प बनता जा रहा है, इसलिए किशनगढ़ का विस्तार भविष्य की जरूरत है।”
अगर कभी जयपुर में फ्लाइट लैंड कराने में मुश्किल आए तो सीधे किशनगढ़ की रनवे पर प्लेन उतारने की तैयारी अब पुख्ता मानी जा रही है।
कुल मिलाकर कैबिनेट की इस बैठक ने न केवल प्रशासनिक ढांचे को नया संतुलन दिया, बल्कि निवेश, रोजगार, प्रवासियों और एयर कनेक्टिविटी—चारों मोर्चों पर सरकार ने तेज चाल चल दी है।
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