Rajasthan Budget 2026: दीया कुमारी ने पेश किया बजट, जानिए भजनलाल सरकार के पिटारे से क्या निकला

डिप्टी सीएम और वित्तमंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान का बजट पेश कर दिया।बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। सरकार ने कहा है कि बजट प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करेगा।

जयपुर 

विधानसभा में बजट भाषण शुरू होते ही डिप्टी सीएम और वित्तमंत्री दीया कुमारी ने साफ कर दिया—यह बजट सिर्फ आंकड़ों का पुलिंदा नहीं, बल्कि ‘विकास की रफ्तार’ को नई लेन देने का रोडमैप है। सड़कों और ब्रिज से लेकर औद्योगिक कॉरिडोर तक, और कर्मचारी-मजदूर से लेकर महिलाओं, हायर एजूकेशन व स्कूल एजूकेशन तक—सरकार ने संदेश दिया कि हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

भजनलाल सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि 2026-27 में राजस्थानियों की सालाना औसत आय 2 लाख रुपये के पार पहुंचेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर रोजगार, उद्योग और शिक्षा को गति देने की रणनीति इस बजट की धुरी रही।

🔴 बजट की प्रमुख घोषणाएं 

  • 🛣️ नई सड़कें और ब्रिज: सड़कों व ब्रिज निर्माण के लिए 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

  • 🚧 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज/अंडर ब्रिज: अगले साल निर्माण की घोषणा।

  • 🛣️ 42 हजार किमी सड़कों का विकास: सरकार का दावा—अब तक बड़े पैमाने पर सड़क नेटवर्क मजबूत।

  • 🔧 नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये

  • 🔗 मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये

  • 🌧️ बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान।

  • 🛤️ 250 अटल प्रगति पथ: 500 करोड़ रुपये के कार्य अगले साल हाथ में लिए जाएंगे।

  • 🏭 औद्योगिक विकास: बाड़मेर मसूदा, बाड़मेर, भीलवाड़ा एवं औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक पार्क के लिए 400 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

  • 🛣️ हाईवे पर नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

👷‍♂️ कर्मचारी और मजदूर वर्ग के लिए संकेत

इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर जोर का सीधा असर रोजगार सृजन पर पड़ेगा। नई सड़कें, ब्रिज और लॉजिस्टिक पार्क निर्माण गतिविधियों को बढ़ाएंगे, जिससे निर्माण क्षेत्र और औद्योगिक इकाइयों में काम के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा

👩 महिलाओं के लिए अवसरों की राह

सरकार ने समावेशी विकास की बात दोहराते हुए संकेत दिए कि आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी—खासकर औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में।

🎓 हायर एजूकेशन और स्कूल एजूकेशन

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास से उच्च शिक्षा संस्थानों और स्कूलों तक पहुंच आसान होगी। ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों के विद्यार्थियों को बेहतर आवागमन और अवसर मिलने की उम्मीद जताई गई है।

  • संस्कृत शिक्षा प्रशिक्षण और शिक्षा शास्त्री कोर्स में 500 सीटों की बढ़ोतरी करने का निर्णय
  • विद्यार्थियों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) विषयों के प्रति रुचि जगाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे
  • शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए ‘पोर्टेबल एक्सेस फॉर हॉलिस्टिक और एसिस्टेड लर्निंग’ कार्यक्रम शुरू होगा
  • प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स (चलता-फिरता स्कूल) स्थापित किया जाएगा, जो दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचेगा
  • पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए अस्थाई शिक्षण शिविर और संभागीय मुख्यालयों पर 6 महीने के स्कूल रेजोनेंस कैंप आयोजित होंगे
  • सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पर्सनलाइज्ड लैब खुलेंगी। कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों के लिए गणित और भाषा के लर्निंग गैप को स्मार्ट सिस्टम से सुधारा जाएगा
  • राजस्थान संस्कृत अकादमी को अब संस्कृत शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। खास बात यह है कि अब वेद विद्यालयों में ज्योतिष की शिक्षा भी अनिवार्य रूप से दी जाएगी
  • कॉलेज स्टूडेंट के लिए ड्रीम प्रोग्राम चलाया जाएगा, अगले साल 50 हजार छात्रों को इसका फायदा दिया जाएगा।

जानिए और क्या की घोषणाएं 

  • सरकार नई जल नीति भी लाएगी। करीब 6500 गांवों को हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ा जाएगा। मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू होगा। समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1—1 करोड़ मिलेंगे। 
  • आवास योजना के तहत 28 लाख परिवारों के लिए आवास निर्माण का कार्य स्वीकृत। लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर किया जाएगा। राज्य के नगर निकायों में 4 लाख नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिस पर ₹500 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। राजधानी जयपुर में जलभराव और बाढ़ से मुक्ति के लिए नालों के सुदृढ़ीकरण पर ₹500 करोड़ का प्रावधान।
  • वर्षा जल निकासी की समस्या का निस्तारण कर पाने के लिए जयपुर में 500 करोड़ रुपए एवं अजमेर में 200 करोड रुपए लागत के ड्रेनेज सिस्टम बनाए जाएंगे। अलवर, भिवाड़ी, उदयपुर ,कोटा, चूरू, पाली, नागौर एवं भरतपुर के नगरीय क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा हेतु 1030 करोड़ रुपए लागत के कार्य करवाए जाएंगे
  • बीकानेर में मेहरासर कला, सवाईसर करनीकर और जैसलमेर लगभग 4830 मेगावाट क्षमता के शौर्य पार्कों का विकास ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश के विद्युत प्रसारण तंत्र को संचालित करने वाले स्टेट बोर्ड की सुरक्षा हेतु मेट्रो कॉर्पोरेशन केंद्र स्थापित किए जाने के लिए 2100 करोड़ रुपए का प्रावधान
  • सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल फ्री किया जाएगा।
  • अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए जोधपुर के ‘स्टेट रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर’ में स्पेस गैलरी बनाई जाएगी. साथ ही, जयपुर साइंस पार्क में भी स्पेस और चिल्ड्रन गैलरी का निर्माण होगा
  • वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए जोधपुर, टोंक, शेरगढ़, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में ‘इंटीग्रेटेड सैनिक परिसर’ स्थापित होंगे, जहाँ सभी सुविधाएँ एक ही छत के नीचे मिलेंगी
  • पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं और उनके आश्रितों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मेजर शैतान सिंह कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र की सौगात दी गई है
  • युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा. इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे 30,000 युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा
  • कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर दिया जाएगा, ताकि वे अपनी पसंद का डिवाइस खरीद सकें
  • अगले सत्र (2026-27) से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू होगी
  • प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा
  • टॉयलेट सुविधा से वंचित सभी स्कूलों में नए टॉयलेट बनाए जाएंगे
  • प्रदेश में 14 नए मानव संसाधन संस्थान खुलेंगे
  • हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी.
  • आउटकम स्किल बेस्ड बोर्ड का गठन होगा, जो युवाओं को ‘एम्प्लॉयबल’ (रोजगार योग्य) बनाएगा
  • अजमेर, भरतपुर और कोटा में Data Lab और AI Lab जैसे नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नो हब स्थापित होंगे इस पर ₹20 करोड़ खर्च होंगे
  • 150 और कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र स्थापित होंगे, जिससे कुल 50,000 छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी
  • युवाओं की मेंटरिंग के लिए ‘डिजिटल रेजिडेंस एंड एंपावरमेंट मेंटरिंग’ (DREAM) प्रोग्राम चलाया जाएगा
  • अगले सत्र (2026-27) से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू होगी।
  • प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।
  • प्रवासियों के लिए नया विभाग और उद्यमियों को ‘मार्जिन मनी’ की सौगात
    देश-विदेश में बसे राजस्थानियों को जोड़ने के लिए ‘डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स विभाग’ का गठन।
  • प्रवासियों से संवाद के लिए वर्तमान में राजस्थान फाउंडेशन के 26 चैप्टर्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
  • नई इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए ऋण लेने वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) को ₹15 करोड़ की मार्जिन मनी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • कुचामन के पर्वतसर में औद्योगिक विकास के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव।
  • निजी क्षेत्र के सहयोग से मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और इनलाइन कंटेनर डिपो की स्थापना होगी।
  • बच्चों के प्रमुख अस्पताल JK लोन में ₹75 करोड़ की लागत से 500 बेड क्षमता वाला नया IPD टावर बनाया जाएगा, इससे गंभीर बीमार बच्चों को बेहतर इलाज और ज्यादा जगह मिल सकेगी
  • जिन पात्र परिवारों के पास दस्तावेजों की कमी है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाएगा
  • योजना से वंचित पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए हर पंचायत स्तर पर विशेष ‘आरोग्य शिविरों’ का आयोजन होगा
  • सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या कागजों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे
  • अब जिला अस्पतालों में केवल मनोरोग चिकित्सक (Psychiatrist) ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे.
  • सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर महीने स्ट्रेस कम मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेशन आयोजित करना अनिवार्य होगा, यह प्रशिक्षित काउंसलर्स के माध्यम से किया जाएगा
  • सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि रोगों की पहचान शुरुआत में ही हो सके, ताकि आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदमों को रोका जा सके

हाईवे पर तैनात होंगी एम्बुलेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए CPR ट्रेनिंग अब अनिवार्य

सरकार ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) मैनेजमेंट पर बड़ा फैसला लिया है:-

  • अब राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने के लिए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा, इससे आम नागरिक भी आपात स्थिति में जान बचा सकेंगे
  • प्रदेश के बेड़े में 250 आधुनिक एम्बुलेंस चरणबद्ध तरीके से शामिल की जाएंगी
  • हाईवे पर बने ‘रेस्ट एरिया’ में एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी ताकि एक्सीडेंट होने पर रिस्पांस टाइम कम से कम हो
  • राज्य की नई ट्रॉमा और इमरजेंसी पॉलिसी लाई जाएगी। इसके तहत ट्रॉमा सेवाओं को सुधारने के लिए ₹150 करोड़ का निवेश होगा
  • संभाग स्तर पर सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ‘कार्डियक लाइव सपोर्ट सर्टिफिकेशन’ की ट्रेनिंग दी जाएगी

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देना और आमजन की आय बढ़ाना है।

राजस्थान के विकास की इस नई पटकथा में सड़कें सिर्फ रास्ते नहीं—आर्थिक उन्नति की लाइफलाइन के रूप में पेश की गई हैं।

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