राग–विराग की लय में बंधी साहित्यिक कथा | विश्व पुस्तक मेले में डॉ. रमेश चन्द मीणा के उपन्यास ‘राग कसूमल’ का विमोचन

विश्व पुस्तक मेला 2026 में डॉ. रमेश चन्द मीणा के उपन्यास ‘राग कसूमल’ का विमोचन हुआ। यह कृति राजस्थानी लोकरंग, प्रेम, कला और भक्ति का लयात्मक संगम है।

नई दिल्ली 

विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली (10 से 18 जनवरी 2026) के दौरान भोपान की ढाणी, बसवा (दौसा) निवासी तथा राजकीय कला महाविद्यालय, कोटा में सहायक आचार्य (चित्रकला) डॉ. रमेश चन्द मीणा के उपन्यास ‘राग कसूमल’ का विमोचन किया गया। वेरा प्रकाशन, जयपुर से प्रकाशित यह कृति उपन्यास विधा में रची गई एक विशिष्ट साहित्यिक प्रस्तुति है, जिसने मेले के साहित्यिक माहौल में अलग ही रंग घोल दिया।

‘राग कसूमल’ इतिहास, राग और विराग के त्रिवेणी-संगम से उपजी एक लयात्मक कथा है। इसमें राजस्थानी लोकरंग की सुगंध, नागरीदास (सावंत सिंह)–बणी-ठणी की दिव्य प्रेम-परंपरा, किशनगढ़ कलम की सूक्ष्म सौंदर्य-दृष्टि और भक्ति-रस की माधुरी का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। लेखक ने ऐतिहासिक प्रसंगों को आधार बनाकर कल्पना और रसात्मकता से एक ऐसा साहित्यिक लोक रचा है, जहाँ राग जीवन की धड़कन बन जाता है और कसूमल रंग भावों की आभा

बाईस अध्यायों में विस्तृत यह उपन्यास राजनीति, वीरता, कला, आध्यात्म और प्रेम के विविध पक्षों को संतुलित रूप में सामने लाता है। इसकी भाषा मधुर है, शैली संगीत और कला से प्रेरित है तथा दृष्टि गहरी सांस्कृतिक चेतना से संपृक्त दिखाई देती है। कथा का प्रवाह पाठक को केवल इतिहास में नहीं ले जाता, बल्कि भावों और सौंदर्य के एक जीवंत संसार में प्रवेश कराता है।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर साहित्यप्रेमियों में विशेष उत्साह देखा गया। यह आशा व्यक्त की गई कि ‘राग कसूमल’ अपनी नव महक, सांस्कृतिक गहराई और कलात्मक प्रस्तुति के कारण रसिक पाठकों को आकर्षित करेगा तथा हिंदी साहित्य जगत में अपनी अलग और विशिष्ट पहचान बनाएगा।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

2026 नौकरियों का महावर्ष | भजनलाल सरकार का भर्ती कैलेंडर जारी, एक लाख+ पदों पर परीक्षा तय

ठंड…

राजस्थान में दिल दहला देने वाली घटना: मां ही बनी कातिल | दो मासूमों की निर्मम हत्या कर खुद ने भी जहर खाया

जनवरी की सैलरी में बड़ा ट्विस्ट! DA में 5% उछाल की आहट, 8वें वेतन आयोग की चाल से बढ़ेगा कर्मचारियों का ग्राफ

रेलवे बोर्ड का नया आदेश, परिवार की परिभाषा बदली; माता-पिता के बाद भी बेटियों के नाम जारी रहेंगे ये ख़ास लाभ

दुनिया के पानी में खामोश कातिल | ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ अब सिर्फ डरावनी कहानी नहीं, उभरता वैश्विक खतरा

‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।