कैब में डर लगे तो दबाइए SOS | जयपुर पुलिस से जुड़ी ओला कैब, बटन दबते ही लोकेशन के साथ पहुंचेगी पुलिस

जयपुर पुलिस (Jaipur police) ने ओला कैब (Ola cab) एप में SOS बटन जोड़कर करीब एक लाख वाहनों को अभय कमांड सेंटर (Abhay command center) से जोड़ा। बटन दबाते ही लाइव लोकेशन के आधार पर पुलिस तुरंत मदद पहुंचाएगी।

जयपुर 

अब जयपुर में कैब से सफर करते समय अगर किसी यात्री को जरा भी असहजता या खतरे का एहसास हो, तो मदद के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मोबाइल स्क्रीन पर एक छोटा-सा बटन दबाते ही पुलिस तक सीधी सूचना पहुंच जाएगी। जयपुर पुलिस ने ओला कैब एप्लिकेशन में SOS फीचर जोड़कर इसे सीधे अभय कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ दिया है।

इस पहल के तहत करीब एक लाख कैब वाहनों को सिस्टम से जोड़ा गया है। इनमें अकेले जयपुर शहर के लगभग 40 हजार वाहन शामिल हैं, जबकि बाकी गाड़ियां सीकर, अलवर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और जोधपुर जैसे शहरों से जुड़ी हैं।

अचानक क्यों निलंबित कर दिए गए एडीजे? | छह मामलों की जांच के बीच हाईकोर्ट की सख्त कार्रवाई

जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बुधवार को प्रेस वार्ता में इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा कि कैब में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

उन्होंने बताया कि जैसे ही यात्री कैब एप में दिए गए SOS बटन को दबाएगा, उसकी लोकेशन और वाहन से जुड़ी जानकारी सीधे अभय कमांड सेंटर तक पहुंच जाएगी। वहां से कंट्रोल रूम की टीम तुरंत यात्री से संपर्क करेगी और हालात समझेगी।

इसके बाद वाहन की लाइव लोकेशन को ट्रैक करते हुए नजदीकी थाने की पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया जाएगा। यदि कैब लगातार आगे बढ़ रही होगी, तो पुलिस उसकी लाइव लोकेशन के आधार पर उसे ट्रेस करती रहेगी।

चार्जिंग में खड़ी ई-कार बनी मौत की चिंगारी | इंदौर में शॉर्ट सर्किट से उठी आग ने 3 मंजिला घर को निगला, 8 जिंदगियां राख

जयपुर (दक्षिण) डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि यह व्यवस्था सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं है। अगर कोई कैब अन्य शहर में होगी तो वहां की स्थानीय पुलिस के साथ जानकारी साझा कर तुरंत मदद पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

इस पहल के पीछे एक और वजह भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय में कैब चालकों और डिलीवरी बॉयज के जरिए अपराध की आशंका को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए “सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी” अभियान के तहत बड़े स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया गया।

इस दौरान जयपुर में 7,533 कैब चालकों का पुलिस वैरिफिकेशन कराया गया। जांच में 205 चालकों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया, जिन्हें अब पाबंद कर पुलिस निगरानी में रखा गया है।

इसी तरह 16,436 डिलीवरी बॉयज का भी सत्यापन किया गया, जिनमें 38 के खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मिला। पुलिस ने इन्हें भी निगरानी के दायरे में ले लिया है।

जयपुर पुलिस का मानना है कि SOS फीचर और सत्यापन अभियान के बाद कैब में सफर करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षा का भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगा।

नई हवा खबरें अपने मोबाइल पर नियमित और डायरेक्ट प्राप्त करने  के लिए व्हाट्सएप नंबर 9460426838 सेव करें और ‘Hi’ और अपना नाम, स्टेट और सिटी लिखकर मैसेज करें। आप अपनी खबर या रचना भी इस नंबर पर भेज सकते हैं।

ऑफिस में जींस-टीशर्ट ‘आउट’, फॉर्मल ‘इन’ | हिमाचल सरकार का सख्त फरमान, कपड़ों से लेकर सोशल मीडिया तक कर्मचारियों पर लगाम

गोद लेने वाली महिलाओं को भी पूरा मातृत्व अधिकार | सुप्रीम कोर्ट ने कहा—अब हर एडॉप्टिव मदर को मिलेगा 12 हफ्ते का अवकाश

एटीएम से मिलेंगे अब छुट्टे पैसे | ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट निकालने की नई सुविधा शुरू

डाक अब दौड़ेगी 24 घंटे में | ‘स्पीड पोस्ट-24’ से अगले दिन डिलीवरी की गारंटी

समंदर की गहराई से आपकी रसोई तक | ऐसे चलती है पेट्रोल-डीजल और गैस की दुनिया

खून की कमी चुपचाप वार करती है | आयरन की गोली बेअसर क्यों? आदतें बदलें, हीमोग्लोबिन खुद बढ़ेगा

‘नई हवा’ की खबरों को Subscribe करने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।