भरतपुर (Bharatpur) के श्री सुपार्श्वनाथ जिनालय (Suparshvanath Jinalaya) एवं दादाबाड़ी (DadaBadi) में 28 जनवरी 2026 को वार्षिक ध्वजा महोत्सव आयोजित होगा। स्नात्र पूजा, गुरुदेव पूजा, ध्वजा परिवर्तन और स्वामी वात्सल्य के कार्यक्रम श्रद्धा के साथ संपन्न होंगे।
भरतपुर
जिन शासन की परंपरा और आस्था को सुदृढ़ करने वाला वार्षिक ध्वजा महोत्सव इस वर्ष बुधवार, 28 जनवरी 2026 को श्री सुपार्श्वनाथ जिनालय एवं जिन कुशल जी दादाबाड़ी में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन शुक्ल दशमी (संवत 2083) के पावन अवसर पर संपन्न होगा, जिसमें स्नात्र पूजा से लेकर ध्वजा परिवर्तन एवं स्वामी वात्सल्य तक के कार्यक्रम निर्धारित हैं।
श्री सुपार्श्वनाथ जिन कुशल सरी जैन खरतरगच्छ दादाबाड़ी ट्रस्ट रणजीत नगर, भरतपुर की सूचना के अनुसार, यह आयोजन पूज्य प्रातः स्मरणीय प्रवर्तनी जैन कालिका, श्री विचक्षण श्री जी म. सा. की सुशिष्या पूज्य शतावधानी, गुरुमेया, जिन शासन ज्योति श्री मनोहर श्री जी म. सा., समता मूर्ति श्री मुक्तिप्रभा श्री जी म. सा. आदि गुरुवर्या जी के शुभ आशीर्वाद, निर्देशन एवं सान्निध्य में संपन्न होगा।
कार्यक्रम
- स्नात्र पूजा — प्रातः 8:30 बजे से
- गुरुदेव पूजा — प्रातः 9:30 बजे से
- ध्वजा परिवर्तन — दादा गुरुदेव पूजा के मध्य
- स्वामी वात्सल्य — दादा गुरुदेव पूजा के उपरांत
लाभार्थी परिवार
स्नात्र पूजा एवं जिनालय ध्वजा के लाभार्थी स्व. रमेशचंद्र जैन के परिजन — जिनेश चंद्र जैन (अमेरिका) एवं जगदीश जैन (करई वाले) परिवार हैं।
वहीं दादा गुरुदेव की पूजा ध्वजा, दादाबाड़ी ध्वजा परिवर्तन एवं स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी स्व.इन्द्रचंद जी एवं श्रीमती राजकुमारी भंसाली के परिजन — अशोक (पुत्र), सिद्धार्थ, अहिंल (पौत्र), पृथ्वी, इन्नाया (प्रपौत्र/प्रपौत्री) भंसाली परिवार (निवासी: दिल्ली, हाल जयपुर) हैं।
आयोजकों की ओर से सभी श्रावक-श्राविकाओं से अपील की गई है कि वे सपरिवार पधारकर इन समस्त धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनें, जिन शासन की शोभा बढ़ाएं एवं धर्म लाभ अर्जित करें।
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