राज्यपाल और राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति कलराज मिश्र ने राजस्थान की दो सरकारी यूनिवर्सिटीज में शनिवार को कार्यवाहक कुलपतियों की नियुक्ति कर दी। लेकिन इनमें से एक यूनिवर्सिटी में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति का विरोध भी शुरू हो गया है।
जारी आदेशों के अनुसार जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो. के.एल. श्रीवास्तव को राजस्थान यूनिवर्सिटी और बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देव स्वरूप को स्किल यूनिवर्सिटी के कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
के.एल. श्रीवास्तव
आदेश जारी होने के साथ ही प्रो. केएल श्रीवास्तव ने शनिवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति पद पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। इस दौरान यूनिवर्सिटी स्टाफ ने उनका स्वागत किया।
डॉ. देव स्वरूप
इस मौके पर श्रीवास्तव ने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को और ज्यादा बढ़ाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। हम सब मिलकर यूनिवर्सिटी के लिए काम करेंगे। ताकि राजस्थान और देश बल्कि दुनियाभर में इसका रोशन हो सके।
इधर राजस्थान यूनिवर्सिटी सेवानिवृत्त कर्मचारी एसोसिएशन ने कार्यवाहक कुलपति श्रीवास्तव की नियुक्ति का विरोध किया है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मोहम्मद मुस्तफा का कहना है कि सरकार ने स्थाई कुलपति नियुक्त करने के बजाय कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया है। ऐसे में अगर सरकार को कार्यवाहक कुलपति ही बनाना थातो जयपुर के आसपास की किसी यूनिवर्सिटी के कुलपति को ही अतिरिक्त चार्ज दिया जाना चाहिए था।
जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर के कुलपति को राजस्थान यूनिवर्सिटी का कार्यवाहक कुलपति नियुक्त करने का निर्णय छात्रहित में नहीं है। क्योंकि जयपुर से जोधपुर बहुत दूर है। जहां से आने जाने में कार्यवाहक कुलपति को काफी ज्यादा वक्त लगेगा। जिससे वह ना तो राजस्थान यूनिवर्सिटी और ना ही जोधपुर यूनिवर्सिटी में अच्छे से काम कर सकेंगे।