ड्यूटी पर डॉक्टर… और थाने की दहलीज | घरौंडा में पुलिस पर मारपीट-हिरासत के आरोप, DMA ने सरकार से कार्रवाई मांग की

हरियाणा (Haryana) के करनाल (Karnal) जिले के घरौंडा में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर (Doctor) के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और अवैध हिरासत के मामले पर DMA ने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

करनाल 

हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा में सरकारी ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार का मामला गरमा गया है। इस घटना को लेकर Democratic Medical Association India (DMA) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

घटना 4 मार्च 2026 की सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। आरोप है कि घरौंडा में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत चौहान, जो उस समय अस्पताल में अपनी सरकारी ड्यूटी पर थे, को थाना घरौंडा के SHO दीपक कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से दुर्व्यवहार करते हुए जबरन थाने ले जाकर हिरासत में रखा।

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डॉक्टर के साथ बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए हिरासत में रखने, परिजनों को सूचना न देने और दबाव बनाकर माफीनामा लिखवाने के आरोप लगाए गए हैं। बताया गया है कि उनसे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी करवाए गए। चूंकि संबंधित चिकित्सक अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, इसलिए मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर डॉ. अमित व्यास, डॉ. शुभ प्रताप सोलंकी, डॉ. भानु कुमार और डॉ. प्रियंशु शर्मा ने गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी पर तैनात सरकारी चिकित्सकों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं होगी, तो इसका असर पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर पड़ेगा।

DMA पदाधिकारियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पीड़ित डॉक्टर को न्याय दिलाने की बात भी कही गई है।

डॉ. अमित व्यास का कहना है कि यदि इस प्रकरण में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे चिकित्सा समुदाय में व्यापक असंतोष पैदा हो सकता है। संगठन ने यह भी मांग की है कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और भविष्य में चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

DMA का कहना है कि सरकार से उम्मीद है कि वह इस संवेदनशील मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर न्यायसंगत कार्रवाई करेगी, ताकि चिकित्सा समुदाय का भरोसा कायम रह सके।

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