गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने 400 करोड़ रुपए के लोन के घोटाले के मामले में मुख्य आरोपी माफ़िया लक्ष्य तंवर का दाया हाथ माने जाने वाले PNB के बर्खास्त AGM रामनाथ मिश्र को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उसने लोन के नाम पर बैंकों को 4 सौ करोड़ रुपए से अधिक का चूना लगाने वाले माफिया लक्ष्य तंवर से मिलीभगत करके PNB को करोड़ों का चूना लगाया था। मामला सामने आने के बाद मिश्रा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। तभी से वह फरार चल रहा था।
पुलिस का कहना है कि लोन घोटाले में मंगलवार को PNB की बर्खास्त मैनेजर प्रियदर्शिनी को गिरफ्तार किया गया था। लोन घोटाले की जांच कर रही एसआईटी रामनाथ मिश्रा को दिल्ली से पकड़ कर लाई है। जहां वह अपने एक रिश्तेदार के घर में छिप कर रह रहा था। रामनाथ पर लोन माफिया लक्ष्य तंवर से साठगांठ कर खुद के ही पीएनबी बैंक को 50 करोड़ रुपए से अधिक का चूना लगाने का आरोप है। लोन फर्जीवाड़े में लक्ष्य तंवर का साथ देने वाले बैंकों के अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी एसआईटी की रडार पर हैं।
पुलिस का कहना है कि लक्ष्य तंवर से साठगांठ रखने वाले बैंकों के अन्य आरोपी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रामनाथ मिश्र पर लोन घोटाले के करीब 12 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। इन सभी मामलों को लेकर पुलिस रामनाथ से पूछताछ करने में जुट गई है। इसके अलावा बैंक के अन्य कर्मियों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
घोटाला उजागर होने के बाद हुआ था बर्खास्त
रामनाथ मूल रूप से बिहार के पटना जिले के थाना श्रीकृष्णपुरी क्षेत्र का रहने वाला है। रामनाथ पहले PNB की चंद्र नगर शाखा का चीफ मैनेजर था। वहीं से प्रमोशन के बाद रामनाथ आगरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में AGM बन गया। इसी दौरान लोगों का घोटाला उजागर होने के बाद और उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रामनाथ को बर्खास्त कर दिया गया था। तभी से वह पुलिस से छुपकर दिल्ली रह रहा था।
रामनाथ पर की जा चुकी है गैंगस्टर की कार्रवाई
रामनाथ के खिलाफ पुलिस पहले भी गैंगस्टर में कार्रवाई कर चुकी है। तभी से रामनाथ मिश्रा फरार चल रहा था। जगह-जगह छापेमारी के बाद भी रामनाथ का कोई पता नहीं चल पा रहा था। लेकिन अब गाजियाबाद पुलिस ने रामनाथ को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही लोन घोटाले के मामले में इसकी भूमिका के साथ अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है।
लोन माफिया संग मिलकर किए थे वारे न्यारे
गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक 400 करोड़ से भी अधिक लोन घोटाले के आरोपी लक्ष्य तवर के खिलाफ 39 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज है। इनमें से करीब एक दर्जन से अधिक मामलों में रामनाथ मिश्र भी आरोपी है। इन सभी मामलों को लेकर पुलिस ने रामनाथ मिश्र से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की जांच के बाद पीएनबी के अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बैंक के ये अधिकारी भी रडार पर
पुलिस का कहना है कि लोन के फर्जीवाड़े में बर्खास्त मैनेजर प्रियदर्शिनी और बर्खास्त एजीएम की गिरफ्तारी के बाद बैंकों के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी एसआईटी की रडार पर हैं। इनमें उत्कर्ष कुमार, बर्खास्त मैनेजर संजय तितरवे, मैनेजर दुर्गा प्रसाद व लोन मैनेजर तारिक हुसैन मुख्यरूप से शामिल हैं। सह आरोपियों में वरुण त्यागी, नरेश बग्गा, उसका बेटा दक्ष बग्गा, अनिल भारद्वाज, एसपी कपूर और यासू कौशिक के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा लक्ष्य तंवर की पत्नी प्रियंका तंवर, मां रेनू, शीलू, शीलू की पत्नी अलका, बेटी गौरी बहल, दामाद विशेष बहल, राजरानी कालरा, उसका बेटा सूरज कालरा और पुत्रवध सिंपी भी विभिन्न मुकदमों में आरोपी हैं। इन सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
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