‘खेती छिनी तो किसान सड़क पर आ जाएगा’ | मला-रामनगर पंचायतों में बोले पंडित रामकिशन, 26 मई की महारैली के लिए गांव-गांव से जुट रहा समर्थन

भरतपुर के मला और रामनगर गांवों में पूर्व सांसद पंडित रामकिशन शर्मा ने लैंड पूलिंग योजना का विरोध करते हुए किसानों को 26 मई की महारैली में शामिल होने का आह्वान किया। पंचायतों में किसानों ने आंदोलन को समर्थन दिया।

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भरतपुर 

लैंड पूलिंग योजना के खिलाफ भरतपुर में किसानों का विरोध अब गांवों की चौपालों से निकलकर बड़े आंदोलन का रूप लेने लगा है। पूर्व सांसद पंडित  रामकिशन ने गुरुवार को गांव मला और रामनगर में आयोजित किसान पंचायतों को संबोधित करते हुए कहा कि भरतपुर विकास प्राधिकरण की लैंड पूलिंग योजना किसानों के हित में नहीं बल्कि उनके भविष्य के लिए खतरा बनती जा रही है।

उन्होंने किसानों से कहा कि यदि यह योजना लागू हुई तो किसान धीरे-धीरे भूमिहीन और बेरोजगार हो जाएंगे। खेती खत्म होने का मतलब सिर्फ जमीन जाना नहीं, बल्कि पीढ़ियों की रोजी-रोटी पर संकट आना है। इसी कारण किसानों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।

सभा में उन्होंने 26 मई को प्रस्तावित किसान महारैली को निर्णायक बताते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है।

गांवों में हुआ जोरदार स्वागत, साफा और मालाओं से अभिनंदन

गांव मला में पंडित रामकिशन शर्मा का स्वागत ठाकुर चरण सिंह, ठाकुर गिर्राज, नाथी पटेल और दमो पंडित ने गांव की ओर से माला पहनाकर और साफा बांधकर किया।

वहीं रामनगर में पूर्व सरपंच ठाकुर शिव सिंह, वर्तमान सरपंच भगवान सिंह, पूर्व सरपंच विनीत भारद्वाज, राहुल रामनगर और रतीराम ठाकुर ने साफा, दुपट्टा और मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया।

‘हर घर से एक किसान रैली में जाएगा’

सभा के दौरान किसान नेताओं ने भी आंदोलन को खुला समर्थन दिया। किसान नेता इंदल सिंह जाट, भगवान सिंह, श्रीराम चंदेल, चौधरी उदयभान सिंह, यादराम पहलवान ठाकुर, वीरपाल ठाकुर, महिपाल ठाकुर और सरपंच दौलत सिंह गुर्जर ने भरोसा दिलाया कि 26 मई की रैली में गांव-गांव से किसान पहुंचेंगे और प्रत्येक घर से कम से कम एक व्यक्ति आंदोलन में शामिल होगा।

पंचायतों में किसानों को अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए प्रपत्र भी वितरित किए गए। किसानों से कहा गया कि वे खसरा गिरदावरी और आधार कार्ड के साथ लैंड पूलिंग योजना के विरोध में अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराएं।

इंद्रजीत भारद्वाज ने बताया किसानों का नुकसान

दोनों गांवों में पूर्व नगर निगम प्रतिपक्ष नेता इंद्रजीत भारद्वाज ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने लैंड पूलिंग योजना से होने वाले संभावित नुकसान और इसके खिलाफ चल रहे आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।

सभा के अंत में मला और रामनगर की सरदारी ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि 26 मई की किसान महारैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

पूर्व सांसद रामकिशन अब शुक्रवार 22 मई 2026 को शाम 5 बजे नगला सैंह में किसानों को संबोधित करेंगे, जहां लैंड पूलिंग योजना के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।

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