भरतपुर
RMAS FOUNDATION का मध्यम वर्ग से सौतेले व्यवहार का आरोप
राष्ट्रीय मध्यम वर्गीय अधिकार संघ (RMAS FOUNDATION ) के प्रदेश महासचिव विपुल शर्मा की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल मीटिंग में मध्यम वर्ग के साथ सौतेला व्यवहार अपनाए जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए सरकारों से पूछा कि जब यह वर्ग व्यवस्थाओं को बनाने में हर समय आगे रहता है तो उस पर जब संकट के बादल मंडरा रहे हैं तो मध्यम वर्ग के साथ नाइंसाफी क्यों की जा रही है। मीटिंग में कहा गया कि इस लॉकडाउन पीरियड में यह माध्यम वर्ग सबसे ज्यादा संकट भोग रहा है। मीटिंग में सरकार से मांग की गई कि माध्यम वर्ग के लिए रहत पैकेज की घोषणा की जाए। मीटिंग में आरोप लगाया गया कि सिर्फ धनाढ्य व गरीब वर्ग की तरफ ही सरकारों का ध्यान रहता है। क्योंकि धनाढ्य वर्ग से उनको चंदा मिलता है और गरीब वर्ग उनका वोट बैंक है। इन दोनों पाटों के बीच में मध्यम वर्ग पिस रहा है।
संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में लॉकडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित मध्यम वर्ग हुआ है और इस वर्ग को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। जबकि यह सबसे बड़ा वर्ग होने के बाद भी अपने परिवार को पालने के लिए संघर्षमय जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकारों को, डायरेक्ट/ इनडायरेक्ट, सबसे ज्यादा टैक्स देने वाला वर्ग है। हर परिस्थिति में देश की व्यवस्थाओं को बनाने में सहयोग देता है। फिर भी उसके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।
अशोक शर्मा ने सवाल किया कि, अगर ये मध्यम वर्ग दुकानदार ना होता तो, क्या आज लॉकडाउन के समय में हर गली, हर मोहल्ले में हर व्यक्ति तक राशन / सब्जी, पहुंचना सम्भव हो पाता? क्या सिर्फ ऑनलाइन, या बड़े माल के जरिए, हर व्यक्ति तक राशन पहुंचाया जा सकता था? उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बिना मध्यम वर्ग का सहयोग लिए देश में व्यवस्थाओं को बनाए रखना नामुमकिन है। इसके बावजूद मध्यम वर्ग के साथ, सरकारों द्वारा, हमेशा से ही सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ धनाढ्य व गरीब वर्ग की तरफ ही सरकारों का ध्यान रहता है। क्योंकि धनाढ्य वर्ग से उनको चंदा मिलता है और गरीब वर्ग उनका वोट बैंक है। इन दोनों पाटों के बीच में मध्यम वर्ग पिसता है। उन्होंने मध्यम वर्ग से संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मध्यम वर्ग के लोगों को एक मंच पर लाने का प्रयास राष्ट्रीय मध्यम वर्गीय अधिकार संघ (RMAS) द्वारा किया जा रहा है। इसका सदस्य कोई भी मध्यम वर्ग का व्यक्ति बन सकता है, चाहे वह कर्मचारी हो, या व्यापारी हो, या बेरोजगारी से पीड़ित हो।
बैठक में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- बैंक द्वारा आमजन को वसूली के नाम पर परेशान करना
- लॉकडाउन पीरिएड़ के बिजली पानी के बिलों को माफ करवाना
- मध्यम वर्ग व्यापारी को बेंकों के ब्याज, E . M. I. में छूट
- TEX में राहत
- बाज़ारों को खुलवाने का प्रयास
- आर्थिक संकटों से जूझ रहे मध्यम वर्ग को राहत पैकेज
जिले की कार्यकारिणी की घोषणा शीघ्र
प्रदेश महासचिव विपुल शर्मा ने सभी मध्यम वर्गीय परिवारों से सरकारी सौतेली व दमनकारी नीतियों के खिलाफ RMAS FONDETION से जुड़ने की अपील की। बैठक में बताया गया कि शीघ्र ही जिले की कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही, प्रत्येक तहसील, हर गांव, हर मोहल्ले के प्रत्येक, मध्यम वर्ग के व्यक्ति को RMAS से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। वर्चुअली मीटिंग में काफी संख्या में संघ के सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिसमें मुख्य रूप से , विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष (युवा) इंदुशेखर, व्यापारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मेहरा, रेडीमेड संघ से नरेन्द्र अंकल, दिलीप पंडित, फोटोग्राफर संघ से राजवीर, मोहित गोयल, विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रदीप शर्मा आदि सभी कार्यकर्ता जुड़े। मीटिंग में मनोज सोनी, अनिल, सोवित, राजू भारद्वाज, शशि पाराशर, इंदर, मोनू, जितेन्द्र गोयल, विशाल, कादिर, दिगम्बर,दीपक गोयल और रमाकांत आदि भी मौजूद थे।
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