कोटा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) कोटा की टीम ने अफीम में घूस का एक बड़ा मामला पकड़ा है। ACB की टीम ने भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी डॉ. शशांक यादव को उस समय दबोच लिया जब वह अपनी गाड़ी में रखकर 16 लाख 32 हजार ले जा रहा था। यह रकम अफीम किसानों से पट्टे जारी करने व अफीम की क्वालिटी अच्छी बताने के एवज में रिश्वत के रूप में वसूली गई थी।
एसीबी को यह सूचना मिली थी कि अब तक 6 हजार से ज्यादा किसानों से 10 और 12 आरी के पट्टे जारी करने लिए एडवांस में ही 30 से 36 करोड़ रुपए वसूले जा चुके हैं। ACB अब अफीम के इस खेल की पूरी परतें उधेड़ रही है।
ACB की गिरफ्त में आए भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी डॉ. शशांक यादव पर नीमच फैक्ट्री का अतिरिक्त चार्ज भी है।आरोपी अभी उत्तरप्रदेश की गाजीपुर अफीम फैक्ट्री में महाप्रबंधक के पद कार्यरत है। उसकी गाड़ी से शनिवार को कोटा में चम्बल नदी के केवल स्टे ब्रिज पर 16 लाख 32 हजार रुए 410 रुपए की राशि जब्त की गई है।
आपको बता दें कि इन दिनों नीमच में मध्यप्रदेश और राजस्थान के अफीम काश्तकारों के नूमनों की जांच का कार्य चल रहा है। इसकी जांच के बाद अफीम की गाढ़ता, मारफीन प्रतिशत के आधार पर भुगतान किया जाता है। इसके के आधार पर 6 आरी, 10 आरी और 12 आरी के पट्टे दिए जाते हैं। शशांक यादव के पास नीमच फैक्ट्री का अतिरिक्त चार्ज है।
60 से 80 हजार रुपए रिश्वत लेकर दिए जाते हैं अफीम के पट्टे
एसीबी को शिकायत मिली थी कि IRS शशांक यादव नीमच में कार्यरत कर्मचारी अजीत सिंह व दीपक यादव के माध्यम से दलालों से रिश्वत लेकर अफीम के पट्टे जारी करने का सौदा करता है। रिश्वत लेकर अफीम की मारफीन और गाढ़ता ज्यादा बताकर 10 और 12 आरी के पट्टे दिए जाते हैं। कोटा, प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़़ और झालावाड़ के किसानों से एक पट्टा जारी करने के लिए एवज में 60 से 80 हजार रुपए वसूलते हैं।
एसीबी को यह सूचना मिली है कि अब तक 6 हजार से ज्यादा किसानों से 10 और 12 आरी के पट्टे जारी करने लिए एडवांस में ही 30 से 36 करोड़ रुपए वसूले जा चुके हैं। अभी 40 हजार से ज्यादा किसानों की अफीम की जांच होना बाकी है।
ऐसे पकड़ में आया डॉ. शशांक
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि एसीबी को ये सूचना मिली थी कि डॉ. शशांक अभी कोटा आया हुआ है और पुलिस का लोगो लगी गाड़ी में रिश्वत के 15 लाख रुपए लेकर चित्तौड़-कोटा होकर गाजीपुर जाएगा।
सूचना पर एसीबी ने आकस्मिक जांच की। जांच में शशांक के बैग में मिठाई के डिब्बे में 15 लाख रुपए रखे मिले। वहीं लेपटॉप के बैग और पर्स से 1 लाख 32 हजार 410 रुपए मिले। इस तरह 16 लाख 32 हजार 410 रुपए की राशि मिली। आरोपी ने उसके कब्जे से मिली राशि का संतोषजक जवाब नहीं दिया। एसीबी मामले की जांच में जुटी हुई है।
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