आपबीती
कोटा। वाकया 26 जून का है। श्रीगंगानगर से झालावाड़ तक चलने वाली सुपर फास्ट ट्रेन जो जयपुर से प्रातः 6:00 बजे चलती है उसमें 2 दिन पूर्व जब रेलवे वेबसाइट पर थर्ड एसी में टिकट की जानकारी मालूम की तो उसमें थर्ड एसी में लगातार टिकट नॉट अवेलेबल दर्शाया गया। मजबूरन उस ट्रेन का तत्काल में टिकट जयपुर से कोटा का लिया गया जिसका किराया 1185 है। और जब यात्री श्रीमती सुजाता गुप्ता उस ट्रेन के थर्ड एसी के B-4 कोच में सवार हुई तो उसमें मात्र 2 यात्री बैठे हुए थे। बाकी पूरा कोच खाली पड़ा हुआ था।
यात्री श्रीमती सुजाता गुप्ता ने बातों ही बातों में उन यात्रियों से चर्चा की और उन्हें बताया कि रेलवे की वेबसाइट में तो इसमें नॉट अवेलेबल दिखा रहा था जबकि यह तो संपूर्ण कोच ही खाली पड़ा हुआ है तो उन दोनों सहयात्रियों ने भी उनकी यही दुखद दास्तान सुनाई कि उनके साथ भी यही घटना घटी है। जब उन्होंने भी टिकट बुक कराना चाहा तो उनको भी नॉट अवेलेबल का संदेश मिला। मजबूरन उनको भी तत्काल में टिकट लेना पड़ा।
यही हाल जयपुर से कोटा को चलने वाली बाकी की दो ट्रेनों का था। उनमें भी बराबर स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक नॉट अवेलेबल बताया जा रहा था, जिस कारण से मजबूरी वश यात्रियों को जिस में भी टिकट उपलब्ध होता है लेने को बाध्य होना पड़ता है।
यह हाल है भारतीय रेल की वेबसाइट का। एक ओर जहां पर पहले ही पिछले कोरोना काल में रेल के किराए में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई थी उससे भी रेलवे संतुष्ट नहीं हुआ और अब वह दूसरे तरीके से यात्रियों से और ज्यादा वसूली करने में लगा हुआ है।
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