कानपुर
UP पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सामने आया है। इसमें गोद में बच्चे को लिए एक शख्स को पुलिस बेरहमी से पीट रही है और वह शख्स बार-बार पुलिस से गुहार लगा रहा है कि सर, बच्चे के लग जाएगी। पुलिस की इस बर्बरता का किसी ने वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
मामला कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र का है। शख्स की गोद में उसका 3 साल का मासूम भी है। वह बार-बार पुलिस से गुहार लगा रहा है कि बच्चे को लग जाएगी लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं। मामले में किरकिरी होने के बाद पुलिस ने ऐक्शन लिया और पिटाई करने वाले इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया। डीजीपी मुकुल गोयल ने मामले में संज्ञान लिया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद अकबरपुर पुलिस की काफी आलोचना हो रही है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस की गाड़ी खड़ी है और उसी के पास खड़े एक शख्स की पिटाई हो रही है। लोकल पुलिस थाने का इंस्पेक्टर शख्स को दौड़ा-दौड़ाकर लाठियों से मार रहा है। वह शख्स गोद में अपने बच्चे को लिए हुए है
शख्स बार-बार पुलिस को कह रहा है कि बच्चे को लग जाएगी सर। पुलिस शख्स का पीछा करती है और दूसरे पुलिसकर्मी उसकी गोद से बच्चा छीनने लगते हैं। इतने में वह कहता है कि ‘मेरा बच्चा है। इसकी मां भी नहीं है।’ पिता को पिटता देख बच्चा भी चीख-चीखकर रो रहा है। घटना गुरुवार दोपहर को अकबरपुर के जिला अस्पताल के बाहर की है। मामले की जांच एडीजी जोन कानपुर को दी गई थी। एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर ने इंस्पेक्टर अकबरपुर विनोद मिश्रा को सस्पेंड कर दिया।
यह था मामला
जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कालेज भवन निर्माण की वजह से अस्पताल के कर्मचारियों को परेशानी हो रही थी। गुरुवार दोपहर कर्मचारियों का गुस्सा फूट गया। कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ला की अगुवाई में ओपीडी को बंद करा गेट पर ताला लगाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी होने पर सीओ अकबरपुर अरुण कुमार, एसडीएम वागीश शुक्ला व अकबरपुर थाने का पुलिस बल पहुंचा। और लाठियां चटकानी शुरू कर दीं।
इस बीच अस्पताल के बाहर बच्चे को गोद में लेकर निकला युवक इंस्पेक्टर के हत्थे चढ़ गया। वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर युवक को लाठी से पीट रहे हैं और बच्चा रो रहा है। युवक गुहार लगा रहा है कि साहब, गोद में बच्चा है.. साहब गोद में बच्चा है…। पर, इंस्पेक्टर पीटने में मग्न था।
पुलिस का बयान
इससे पहले पूरी घटना पर कानपुर देहात पुलिस के एएसपी ने हैरानी भरा बयान दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा था कि ‘चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रजनीश शुक्ल ने 100-200 लोगों के साथ मिलकर अराजकता फैलाई और जिला अस्पताल की ओपीडी को बंद करा दिया। वीडियो में दिख रहा शख्स रजनीश का भाई है। पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी वह मानने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस को हल्का बलप्रयोग करना पड़ा।’
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