पर हार नहीं मानेंगे हम…

आंधी आए, तूफ़ान आए…

ब्रजभाषा और हिंदी भाषा साहित्यकारों से पुरस्कारों के लिए मांगी प्रविष्टियां

श्री हिंदी पुस्तकालय डीग ने ब्रजभाषा और हिंदी भाषा साहित्यकार सम्मान समारोह के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं। प्रविष्टियां देने की …

साहित्यकार डॉ.अंजुम का अनुराग सेवा संस्थान ने किया सम्मान

अनुराग सेवा संस्थान लालसोट द्वारा संस्थान के साहित्य सम्मान संयोजक हिन्दी व ब्रज भाषा के साहित्यकार डॉ.अंजीव अंजुम का…

रिश्ते जब दरकने लगें…

अपने जब दमकने लगें,
रिश्ते जब दरकने…

डॉ.अंजीव अंजुम को मिलेगा बाल साहित्यश्री सम्मान

हिंदी और बृज भाषा के साहित्यकार , बृज भाषा साहित्य अकादमी , जयपुर की पत्रिका बृज शतदल के सहयोगी संपादक एवं अनुराग सेवा संस्थान के सह संयोजक डॉ. अंजीव अंजुम को…

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और ललिता प्रसाद सुकुल का भावपूर्ण स्मरण

बसंत पंचमी पर बंगीय हिंदी परिषद का स्थापना-दिवस और निराला-सुकुल जयंती समारोह…

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का निराला व्यक्तित्व

निराला जी जब अध्ययन कर रहे थे तो परीक्षा में एक निबंध…

‘पत्नी की फटकार’

पत्नी की फटकार सुनी जब,
तुलसी भागे छोड़ मकान l
राम चरित मानस रच डाला

‘डरना मुझको स्वीकार नहीं’

जीते जी ही डर-डर कर
है मरने की दरकार नहीं।
है मौत सामने अगर खड़ी …

‘ढाई अक्षर’ का कमाल

जन्म से लेकर मृत्यु तक
हम बंधे हैं ढाई अक्षर में
ढाई अक्षर ही वक्त में
और ढाई अक्षर ही अन्त में।
समझ न पाया कोई भी
है रहस्य क्या ढाई अक्षर में।
पढ़िए ‘ढाई अक्षर’ का कमाल …