नई हवा ब्यूरो | मुम्बई
मोदी सरकार ने Sarkari Bank Pensioners को त्योहार से पहले बड़ा गिफ्ट दिया है। उनकी पेंशन में जबरदस्त इजाफा किया है। सरकारी बैंक कर्मियों के लिए केन्द्र सरकार ने यह पिटारा 25 अगस्त बुधवार को कई बेनेफिट के साथ खोला। इसका बड़ा फायदा बैंक कर्मियों और उनके परिवार को पेंशन के रूप में मिलेगा।
केन्द्र सरकार ने सरकारी बैंकों के मृत कर्मियों के परिवार को मिलने वाली पेंशन बढ़ाने का फैसला किया है। फाइनेंस सेक्रेटरी की मानें तो बैंक कर्मचारियों के Pension Payout की 9284 रुपए की सीमा को बढ़ाकर 30 से 35 हजार रुपए कर दिया गया है। अब परिवार को बैंक कर्मी की मौत के बाद आखिरी सैलरी के 30% के बराबर पेंशन मिलेगी।
30 हजार से 35 हजार तक होगी फैमिली पेंशन
केन्द्र सरकार के इस फैसले के बाद मृत बैंक कर्मियों के परिवार को मिलने वाली पेंशन 30,000 से 35,000 रुपए तक हो जाएगी। पहले इस पर 9,284 रुपए की कैप थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) दो दिन के मुम्बई दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने सरकारी बैंकों के कामकाज की वार्षिक समीक्षा की। इस दौरान सरकारी बैंकों के संबंध में लिए गए निर्णयों की जानकारी देने के लिए उन्होंने प्रेस से बात की। इसी दौरान भारत सरकार के वित्त सेवा सचिव देवाशीष पांडा ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।
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NPS में 40% बढ़ेगा योगदान
केन्द्र सरकार ने सरकारी बैंक कर्मियों के पेंशन फंड में भी योगदान बढ़ाने का निर्णय किया है। न्यू पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत अभी बैंक कर्मियों के पेंशन फंड में 10% योगदान वो खुद करते हैं और 10% सरकारी बैंक यानी कि एम्प्लॉयर। अब बैंकों की तरफ से होने वाले योगदान को 40% बढ़ाकर 14% करने का निर्णय किया गया है।
‘वन डिस्ट्रिक, वन एक्सपोर्ट’ को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने बैंकों को राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा है। ताकि ‘वन डिस्ट्रिक, वन एक्सपोर्ट’ के एजेंडा को आगे बढ़ाया जा सके। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए उन्होंने बैंकों से अलग-अलग राज्य के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाने के लिए कहा है। इसमें भी उनसे लॉजिस्टिक और एक्पोर्ट के एरिया पर फोकस करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उन्होंने तेजी से बढ़ते फिनटेक सेक्टर को बैंकों से सहारा देने की बात भी कही।
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों की पीठ ठोकी
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सामूहिक तौर पर सरकारी बैंकों का प्रदर्शन कोविड-19 महामारी के बावजूद बेहतर रहा है। सरकारी बैंक त्वरित सुधारत्मक कार्रवाई (PCA) के दायरे से बाहर आए हैं। वहीं सरकारी बैंकों का विलय भी आसान रहा और इसका फायदा उन्हें हुआ है। उनकी बैलेंस शीट में प्रॉफिट नजर आ रहा है।
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