भरतपुर के रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और साइबर अपराध पर व्याख्यान व क्विज प्रतियोगिता हुई। ओटीपी टीम प्रथम और स्कैम टीम द्वितीय रही।
भरतपुर। सोशल मीडिया की चमक-दमक को वास्तविक जीवन समझना और डिजिटल दुनिया में लापरवाही बरतना युवाओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। मानसिक स्वास्थ्य और साइबर अपराध से जुड़ी इन्हीं चुनौतियों पर रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय, भरतपुर में छात्राओं को जागरूक किया गया। महिला अध्ययन प्रकोष्ठ, एनएसएस एवं मनोविज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित व्याख्यान और प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के साथ साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वीरेंद्र पाल टांक ने मानसिक स्वास्थ्य पर बात रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य का मतलब केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ होना नहीं है। मानसिक, संवेगात्मक और सामाजिक कुशलता भी स्वस्थ जीवन का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने डिजिटल ओवरलोड, सोशल मीडिया पर दूसरों से तुलना, अकेलापन, बेरोजगारी, एआई का बढ़ता प्रभाव और असफलता के दबाव को युवाओं में तनाव एवं अवसाद के प्रमुख कारणों के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया की रील्स और वास्तविक जीवन के बीच अंतर समझने, नियमित व्यायाम एवं योग करने, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेने तथा स्वस्थ संवाद बनाए रखने की सलाह दी। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए सरकारी टेली-मानस हेल्पलाइन का उपयोग करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के दूसरे मुख्य वक्ता विनय खंडेलवाल ने साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर जानकारी दी। इसके बाद बहुचरणीय क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को चार टीमों में बांटा गया। टीमों के नाम डेटा, वायरस, स्कैम और ओटीपी रखे गए।
प्रतियोगिता में साइबर सुरक्षा के नियमों, सुरक्षित ब्राउजिंग और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव से जुड़े वस्तुनिष्ठ एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे गए। मुकाबले में ओटीपी टीम ने पहला और स्कैम टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। विजेता ओटीपी टीम में चैतन्या, निधि, चाहत और मानसी शामिल थीं, जबकि दूसरे स्थान पर रही स्कैम टीम में रुचि, सुहानी, प्रिया और आशु रहीं। प्रतियोगिता में पुनीता खंडूरी एवं हरीश कुमार स्वर्णकार ने स्कोरर की भूमिका निभाई।
मानसिक मजबूती के लिए संकल्प जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रेखा देवी शर्मा ने ‘शिव संकल्प सूक्त’ का उदाहरण देते हुए मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए मानसिक दृढ़ता और मजबूत संकल्प को आवश्यक बताया। उन्होंने छात्राओं से साइबर अपराध के प्रति स्वयं सतर्क रहने के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. उर्मिला मीणा के निर्देशन में हुआ, जबकि महिला अध्ययन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. निशा गोयल के निर्देशन में कार्यक्रम का संपादन किया गया। विजेता टीमों को डॉ. रेखा देवी शर्मा ने प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए। संचालन डॉ. सरोज ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कविता आचार्य ने दिया।
इस अवसर पर श्रीमती साधना शर्मा, डॉ. लक्ष्मी, डॉ. दीप्ति अग्रवाल, दीवान सिंह, योगेन्द्र सिंह, सुश्री प्रीति, सुश्री पारूल, सुश्री करिश्मा, सुश्री अंजू मीणा, हितेश धाभाई, श्रीमती शिवानी, विकास कुमार और सुश्री अन्नूश्री मीणा सहित अन्य उपस्थित रहे। दोनों गतिविधियों में छात्राओं ने रुचि और उत्साह के साथ भाग लिया।
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