जयपुर
राजस्थान हाईकोर्ट ने करीब आठ हजार करोड रुपए के आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में सोसायटी की दो पूर्व एमडी ललिता राजपुरोहित और प्रियंका मोदी को सोसायटी से जुड़े सभी मामलों में तीन माह की अंतरिम जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश सतीश शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश राहुल मोदी व अन्य की याचिका पर दिए। अदालत ने कहा है कि दोनों महिला आरोपियों के बिना अनुमति देश छोडने पर रोक रहेगी। इसके लिए अदालत ने उन्हें एक सप्ताह में अपने पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट में जमा कराने को कहा है।
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याचिका में कहा गया कि प्रकरण में सह आरोपी कमलेश चौधरी को पूर्व में जमानत दी जा चुकी है। इसके अलावा एक अन्य आरोपी को हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत का लाभ दिया था। याचिकाकर्ता दो साल की अवधि से ज्यादा समय से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। इसके अलावा उनसे अनुसंधान भी पूरा हो चुका है। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यदि उन्हें जमानत नहीं दी जाती तो कम से कम याचिकाकर्ता ललिता राजपुरोहित और प्रियंका मोदी को जमानत पर रिहा किया जाए। क्योंकि दोनों के बच्चे नाबालिग हैं और उनके पति भी न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे हैं। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं को इस याचिका में जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना करने के बजाए अलग से जमानत प्रार्थना पत्र पेश करना चाहिए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों महिला आरोपियों को तीन माह की अंतरिम सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
