जयपुर
राजस्थान सरकार ने कर्मचारी और पेंशनरों को एक बड़ी राहत दी है। अब प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर गैर अनुमोदित अस्पतालों में कोविड का इलाज करने पर भी चिकित्सा खर्च का पुनर्भरण करा सकेंगे। मुख्यमन्त्र अशोक गहलोत ने इसकी मंजूरी दे दी है। राज्य के कर्मचारी लम्बे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड-19 से संक्रमित हुए ऐसे राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स जिन्होंने गैर अनुमोदित चिकित्सालयों में उपचार कराया है, उन्हें भी चिकित्सा व्यय के पुनर्भरण के लिए एक-बारीय शिथिलन देने के प्रस्ताव (reimbursement proposal of Corona treatment) को मंजूरी दी है। साथ ही गैर अनुमोदित चिकित्सालय में उपचार कराने पर अधिकतम इंडिकेटिव स्टे पीरियड पूर्ववत 20 दिवस ही रखे जाने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस फैसले से कोविड-19 संक्रमण की विशेष परिस्थितियों में गैर अनुमोदित चिकित्सालयों में उपचार कराने वाले राज्य सरकार के कार्मिकों और पेंशनरों के चिकित्सा व्यय का पुनर्भरण संभव हो सकेगा। इस शिथिलन का लाभ केवल उन्हीं कार्मिकों और पेंशनरों को देय होगा जिन्होंने कोविड-19 संक्रमण के कारण 30 जून 2021 तक या इससे पहले गैर अनुमोदित चिकित्सालयों में भर्ती रहकर उपचार लिया है।
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