बूंदी
ACB कोर्ट द्वारा गहलोत सरकार के चहेते पूर्व आईएएस जीएस संधू (Former IAS GS Sandhu) और पूर्व आरएएस निष्काम दिवाकर सहित आरएएस ओंकार मल सैनी के खिलाफ केस वापस लेने की एसीबी की ओर से पेश अर्जी को खारिज कर दिए जाने के बाद अब कांग्रेस के लिए एक और बुरी खबर आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (Arrest warrant against Bhanwar Jitendra) जारी किया गया है।
मामला राज परिवार के संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है। दरअसल वरिष्ठ कांग्रेस नेता नेता भंवर जितेंद्र सिंह मामा स्व.रणजीत सिंह की फर्जी ट्रस्ट डीड बनाने के प्रकरण में आरोपी हैं। बूंदी कोर्ट ने फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में धारा 420, 467, 471 में प्रसंज्ञान लिया। भंवर जितेंद्र पर अपने मामा रणजीत सिंह की वसियत (Ranjit Singh will case) के साथ छेड़छाड़ करने और फर्जी तरीके से अपने हित में बनवाने के आरोप हैं।
इस मामले में CJM बूंदी ने भंवर जितेंद्र को प्रथम दृष्टया आरोपी माना है और भंवर जितेंद्र समेत 3 के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। इससे भंवर जितेंद्र सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
कोर्ट ने भंवर जितेंद्र के साथ बूंदी के पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथ हाड़ा और भंवर जितेंद्र के ससुर बृजेंद्र सिंह को भी इस फर्जीवाड़े में शामिल माना है। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ फौजदारी में प्रकरण दर्ज करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली तारीख 6 जनवरी 2022 रखी गई है।
यह है पूरा मामला
बूंदी के पूर्व नरेश रणजीत सिंह ने अपनी पूरी वसीयत मित्र अविनाश चांदना के नाम की थी। रणजीत सिंह की मृत्यु के बाद उनके भांजे भंवर जितेंद्र सिंह ने एक ट्रस्ट डीड उजागर की थी। जिसमें बताया कि उनके मामा ने पूरी संपत्ति ट्रस्टी डीड बनाकर आशापुरा माता मंदिर को समर्पित कर दिया है। साथ ही इस ट्रस्ट का मुख्य सेवायत भंवर जितेंद्र सिंह को बनाया है।
रणजीत सिंह के मित्र अविनाश चांदना ने ट्रस्ट डीड को फर्जी बताते हुए वर्ष 2017 में कोतवाली पुलिस थाने में भंवर जितेन्द्र सिंह और ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों पूर्व जिला प्रमुख श्रीनाथ सिंह हाड़ा, बृजेन्द्र सिंह के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया था। भंवर जितेन्द्र सिंह ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मुकदमे को खारिज करने की अपील की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
जबकि बूंदी पुलिस ने इस मामले में एफआर लगाकर मामला न्यायालय में पेश कर दिया था। न्यायालय में अविनाश चांदना ने पुलिस की लगाई गई एफआर को चुनौती दी। इस पर आज न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेते हुए भंवर जितेन्द्र सिंह (Bhanwar Jitendra Singh Property Controversy), श्रीनाथ सिंह हाड़ा, बृजेन्द्र सिंह को दोषी मानते हुए उन्हें गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है।
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